हरियाली माता मंदिर गांव माय कोटी/Hariyali devi temple,

हरियाली माता मंदिर 

हरियाली माता मंदिर का ये मंदिर जो रुद्रप्रयाग जिले के माई कोटी गांव के शीर्ष में स्थित है माय कोटी गांव के शीश पर स्थित सुंदर  मां हरियाली देवी का मंदिर है वैसे तो मां हरियाली का मुख्य पौराणिक मंदिर जो कि रुद्रप्रयाग जिले के ही जसोली गाँव में स्थित है|,लेकिन हम बात कर रहे हैं

गांव माय कोटी  की हरियाली माता मंदिर की इस मंदिर में पहुंचने के लिए सड़क से  करीब 1 किलोमीटर की, चढ़ाई चढ़नी  पड़ती है| हम भी हरियाली देवी के दर्शन करने के लिए चल पड़े, चीड  के जंगलों के बीच से होते हुए भक्त दूर-दूर से माता के दर्शन करने के लिए आ रहे थे|

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रास्ता बहुत सुंदर और चीड़ के पेड़ों के बीच बैठकर ऐसे लग रहा था, जैसे मानों हम सच में जन्नत  में आ गए, थोड़ी सी चढ़ाई तो थी लेकिन चढाई में थकान नहीं, यहाँ की सुंदरता देखते हुए थकान का पता नहीं चल रहा था, ठंडी हवा और चीड़ के पत्तों की बीच से आती हवा मानों ऐसा लग रहा था कि कानों में कोई मधुर संगीत सुना रहा हो,

जहां पर हम बैठ जाते तो  दिल करता बस निहारते रहें, सच कहें आँखें इन नजरों को केद करती रही रस्ते में  वनदेवी का ऐक छोटा सा मंदिर दिखा  इसकी खूब सूरती इस रस्ते की चढ़ाई पर चार चाँद लगा रही थी बनदेवी को  यहां की भाषा में एड़ी अक्षरी भी कहते हैं

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भक्त लोग यहां पर पूजा करते हैं फिर हमारी यात्रा आगे बढ़ाती  हैं  जैसे जैसे हम मंदिर के पास पहुंच रहे थे दिल में एक अलग सी उत्सुकता जग रही थी, अब हम मंदिर के प्रांगण में पहुंच चुके हैं, मंदिर बिल्कुल पहाड़ी की चोटी पर और चारों ओर चीड़ के बड़े-बड़े पेड़ और चोटी  पर उपर माता का सुंदर मंदिर सच में यह जगह स्वर्ग ही है|

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यहाँ से चरों और देखो तो आप की आँखें थक जाएगी लेकिन आप निहारना नही छोडोगे चोटी के एक तरफ गर्मी और दूसरी तरफ ठंडी हवाये चल रही थी,यहां पर देवी भागवत भी हो रहा है| ,गांव के सभी लोग मिलकर भंडारे की तैयारियां कर रहे हैं
पंडाल में देवी भागवत की कथा चल रही है| कथावाचक पंडित मुकेश वशिष्ट जी कथा सुना रहे हैं|  उधर कथा चल रही है और इधर देवी के मंदिर में हवन की तैयारियां भी  हो रही है  अब कथा संपन्न हो गया और मंदिर में हवन भी हो चूका  है सब लोग भंडारा खाने के लिए जाते  हैं

पूरे गांव वाले बड़े प्यार से दूर दूर से आए श्रद्धालुओं को खाना खिलाते हैं इस मंदिर का पुनः निर्माण कराया गया है मंदिर का पुनः निर्माणका श्रेय स्वर्गीय श्री भवानी दत्त वशिष्ट जी को जाता है|जिन्होंने पूरी श्रद्धा और भाव से  इस जगह का पूरा निर्माण कराया,यहाँ पर धर्म शाला भी हैं|

हरियाली माता मंदिर केसे पहुंचे-

 हवाई अड्डा
सबसे नजदीकी एयरपोर्ट जोलीग्रांड (देहरादून) है। जो क‍ि माय कोटी (रूद्रप्रयाग) से 225 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

रेलवे मार्ग
सबसे नजदीकी रेलवे स्‍टेशन ऋषिकेश है। ऋषिकेश से माय कोटी(रूद्रप्रयाग) 235 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

सड़क मार्ग
कई मार्ग हैं। जहां से रोजाना रूद्रप्रयाग के लिए बसें चलती है।  जैसे- देहरादून, ऋषिकेश, कोटद्वार, पौढ़ी, जोशीमठ, गोपेश्‍वर, बद्रीनाथ, केदारनाथ, नैनीताल, अल्‍मोड़ा, दिल्‍ली। रुद्रप्रयाग से 15 किमी पोखरी रोड पर माय कोटी पहुंचा जा सकता है।आप यहाँ से भी श्री बद्रीनाथ जा सकते है|
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