भारतीय मुख्य त्योहार दीपावली | Diwali an Indian festival

दीपावली

दीपावली पांच दिनों तक चलने वाला त्योहार है। यह त्योहार धनतेरस से शुरू होकर भाई दूज पर समाप्त होता है। इस इस त्योहार पर श्री लक्ष्मी के अलावा अन्य देवी देवताओं की पूजा अर्चना की जाती है। दिवाली को रोशनी का त्योहार भी कहते हैं। जैन धर्म के लोग इस महावीर के मोक्ष के रूप में मनाते हैं।

दीवाली जिसे दीपावली के नाम से भी जाना जाता है, साल का सबसे प्रसिद्ध त्योहार है। दीवाली उत्सव धनतेरस से शुरू होता है और भैया दूज पर समाप्त होता है। अधिकतर प्रान्तों में दीवाली की अवधि पाँच दिनों की होती है, जबकि महाराष्ट्र में दीवाली उत्सव एक दिन पहले गोवत्स द्वादशी के दिन शुरू हो जाता है। https://livecultureofindia.com/दीपावली-भारतीयों-मुख्य-त/इन पाँच दिनों के दीवाली उत्सव में विभिन्न अनुष्ठानों का पालन किया जाता है और देवी लक्ष्मी के साथ-साथ कई अन्य देवी देवताओं की पूजा की जाती है। हालाँकि दीवाली पूजा के दौरान देवी लक्ष्मी सबसे महत्वपूर्ण देवी होती हैं। पाँच दिनों के दीवाली उत्सव में अमावस्या का दिन सबसे महत्वपूर्ण दिन होता है और इसे लक्ष्मी पूजा, लक्ष्मी-गणेश पूजा और दीवाली पूजा के नाम से जाना जाता है।

दीवाली पूजा केवल परिवारों में ही नहीं, बल्कि कार्यालयों में भी की जाती है। पारम्परिक हिन्दु व्यवसायियों के लिए दीवाली पूजा का दिन सबसे महत्वपूर्ण होता है। इस दिन स्याही की बोतल, कलम और नये बही-खातों की पूजा की जाती है। दावात और लेखनी पर देवी महाकाली की पूजा कर दावात और लेखनी को पवित्र किया जाता है और नये बही-खातों पर देवी सरस्वती की पूजा कर बही-खातों को भी पवित्र किया जाता है।

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दीपावली  के दिन लक्ष्मी पूजा करने के लिए सबसे शुभ समय सूर्यास्त के बाद का होता है। सूर्यास्त के बाद के समय को प्रदोष कहा जाता है।अतः दीपावली पूजा का दिन अमावस्या और प्रदोष के इस योग पर ही निर्धारित किया जाता है।

इसलिए प्रदोष काल का मुहूर्त लक्ष्मी पूजा के लिए सर्वश्रेस्ठ होता है और यदि यह मुहूर्त एक घटी के लिए भी उपलब्ध हो तो भी इसे पूजा के लिए प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

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इस दिन लोग अपने घरों को साफ करते हैं, नये कपड़े पहनते हैं। मिठाइयों के उपहार एक दूसरे को बांटते हैं, एक दूसरे से मिलते हैं। घर में सुंदर रंगोली बनाई जाती है, दिए जलाये जाते हैं और आतिशबाजी की जाती है। दिवाली पूजा को लक्ष्मी पूजा, लक्ष्मी गणेश पूजा के नाम से भी जानते हैं।

पांच दिन तक चलने वाले इस त्योहार में पहले गोवत्स द्वादशी, दूसरे दिन धनतेरस या धन्वन्तरि त्रयोदशी, तीसरे दिन नरक चतुर्दशी छोटी दीपवाली, चौथे दिन बडी दीपावली, गोवर्धन पूजा और पांचवे दिन गुजराती नववर्ष, भाई दूज का त्योहार मनाया जाता है।

हिंदू व्यापारियों के लिए दिवाली का दिन बहुत महत्वपूर्ण होता है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार लेखनी और दावात की पूजा देवी महाकाली सरस्वती को खुश करने के लिए की जाती है। पूजा देवी लक्ष्मी को खुश करने के लिए की जाती है। ऐसा करने वाले पर माता लक्ष्मी और माता सरस्वती की कृपा हमेशा बनी रहती है।

गोवत्स द्वादशी त्योहार धनतरेस के एक दिन पहले मनाते है। गोवत्स द्वावदशी के दिन गायों की पूजा की जाती है. इस दिन गाय को आटे का बना प्रसाद खिलाया जाता है। गोवत्स द्वादशी को नंदिनी व्रत के नाम से मनाया जाता है। गोवत्व द्वादशी को ही मनाई जाएगा|

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One thought on “भारतीय मुख्य त्योहार दीपावली | Diwali an Indian festival

  • July 23, 2020 at 7:47 am
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    Nice explaination

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