सावन शिवरात्रि 2021: शिवरात्रि होती है विशेष,जानें शिव पूजा मुहूर्त एवं पारण समय

सावन शिवरात्रि 2021

भगवान शिव का सबसे प्रिय मास सावन या श्रावण

श्रावण संक्रांति 16 जुलाई से प्रारंभ तिथियों पक्ष के अनुसार श्रावण कृष्ण पक्ष 25 जुलाई दिन रविवार से हो चुका है।सावन का हर दिन भगवान शिव की आराधना के लिए उत्तम और श्रेष्ठ होता है। आप प्रत्येक दिन विधि विधान से भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा कर उनकी कृपा प्राप्त कर सकते हैं।

सावन माह में सावन सोमवार व्रत हो या फिर मंगला गौरी व्रत दोनों ही शिव और शक्ति का आशीर्वाद प्राप्त करने का साधन है।यदि आप किन्हीं कारणों से इन व्रतों को नहीं कर पाते हैं, तो आपको निराश होने की जरुरत नहीं है, आप सावन शिवरात्रि का व्रत रख सकते हैं।सावन शिवरात्रि व्रत का भी विशेष महत्व होता है सावन शिवरात्रि के दिन व्रत रखते हुए आप भगवान शिव की विधिपूर्वक पूजा करें और उनकी कृपा का लाभ उठाएं। आइए जानते हैं कि सावन की शिवरात्रि कब है, उस दिन पूजा का क्या मुहूर्त है और पारण समय क्या है,

इन्हें भी पढ़ें-

सावन को सबसे पवित्र महीना क्यों कहा गया जानिए

अपने घर के मंदिर में पूजा और ध्यान रखने वाली जरूरी बातें

लौंग के फायदे | 14 Benefits Of Cloves

सावन शिवरात्रि 2021 तिथि

मासिक शिवरात्रि हर मास की चतुर्दशी तिथि का मनाई जाती है। हिन्दू कैलेंडर के अनुसार, सावन माह के चतुर्दशी तिथि का प्रारंभ 06 अगस्त दिन शुक्रवार को शाम को 06 बजकर 28 मिनट पर हो रहा है। इसका समापन अगले दिन अगस्त दिन शनिवार को शाम 07 बजकर 11 मिनट पर होगा। शिवरात्रि को रात्रि पूजा का महत्व होता है, इसलिए सावन शिवरात्रि 06 अगस्त को है

सावन शिवरात्रि 2021 पूजा मुहूर्त

सावन शिवरात्रि को निशिता काल पूजा का समय देर रात 12 बजकर 06 मिनट से देर रात 12 बजकर 48 मिनट तक है। पूजा का कुल समय 43 मिनट है। इसके अलावा भी सावन शिवरात्रि पूजा के मुहूर्त हैं, जो नीचे दिए गए हैं। रात्रि प्रहर के अनुसार हैं।

शाम को 07 बजकर 08 मिनट से रात 09 बजकर 48 मिनट तक।

रात 09 बजकर 48 मिनट से देर रात 12 बजकर 27 मिनट तक।

आप सभी महानुभावों को श्रावण शिवरात्रि की बहुत-बहुत शुभकामनाएं “आचार्य पंकज पुरोहित”

कोटेश्वर महादेव रूद्रप्रयाग उत्तराखंड आप हमारी यह डॉक्यूमेंट्री फिल्म देख सकते हैं