गोमूत्र Cow urine एक उत्तम औषधि | ayurvedic | medicine

गोमूत्र Cow urine

गोमूत्र Cow urine का हिंदू धर्म संस्कृत में भी इसका बड़ा महत्व बताया गया है|इसका वर्णन हिंदुओं के प्राचीन शास्त्रों में भी मिलता है आयुर्वेद Ayurveda में हजारों वर्ष पहले लिखे गए गोमूत्र को अमृत सदृश माना गया है।

गोमूत्र में पाए जाने वाले पोषक तत्व पोटैशियम, मैग्नीशियम क्लोराइड, फॉस्‍फेट, अमोनिया, कैरोटिन, स्वर्ण क्षार आदि हैं हिंदू धर्म में गाय को माता का रूप दिया गया है इसका दूध दही छाछ मूत्र गोबर सभी को एक महौषधि के रूप में भी प्रयोग किया जाता है

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आयुर्वेद Ayurveda मे आठ प्रकार के मूत्र का वर्णन है उनमे गोमूत्र Cow urine को श्रेष्ठ कहा गया है। प्राचीन काल से ही हमारे देश मे गोमूत्र का प्रयोग औषधि रूप मे होता रहा है और अनेक ऋषि, वैद्य एवं आचार्यो ने इसकी महिमा का वर्णन किया है।गोमूत्र से अनेक रोगों मे लाभ तो होता ही है लेकिन स्वस्थ ब्यक्ति के लिए भी स्वाथ्य रक्षा के लिए ये उत्तम द्रब्य है।

गोमूत्र Cow urine के फायदे

(1). जोड़ों का दर्द – जोड़ों में दर्द होने पर गोमूत्र Cow urine का प्रयोग दो तरीकों से किया जा सकता है। इनमें से पहला तरीका है, दर्द वाले स्थान पर गोमूत्र से सेंक करें। और सर्दी में जोड़ों का दर्द होने पर 1 ग्राम सोंठ के चूर्ण के साथ गोमूत्र का सेवन करें।

(2). मोटापा – गोमूत्र के माध्यम से आप मोटापे पर आसानी से नियं‍त्रण पा सकते हैं। आधे गिलास ताजे पानी में 4 चम्मच गोमूत्र, 2 चम्मच शहद तथा 1 चम्मच नींबू का रस मिलाकर नित्य सेवन करें। सिर्फ ताजा गोमूत्र भी मोटापा एवं पेट निकलने की समस्या मे बहुत लाभकारी है।

(3) दंत रोग – दांत दर्द एवं पायरिया में गोमूत्र Cow urine से कुल्ला करने से लाभ होता है। इसके अलावा पुराना जुकाम, नजला, श्वास- गोमूत्र एक चौथाई में एक चौथाई चम्मच फूली हुई फिटकरी मिलाकर सेवन करें।

(4) हृदयरोग – 4 चम्मच गोमूत्र का सुबह-शाम सेवन करना हृदय रोगियों के लिए लाभकारी होता है। इसके साथ ही मधुमेह रोगियों के लिए भी यह लाभकारी है। मधुमेह के रोगियों को बिना ब्यायी गाय का गोमूत्र प्रतिदिन डेढ़ तोला सेवन करना चाहिए।
(5) पीलिया – 200-250 मिली गोमूत्र 15 दिन तक पिएं, उच्च रक्तचाप होने पर एक चौथाई प्याले गोमूत्र में एक चौथाई चम्मच फूली हुई फिटकरी डालकर सेवन करें और द

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मा के रोगी को छोटी बछड़ी का 1 तोला गोमूत्र नियमित पीना लाभकारी होता है।
(6) यकृत, प्लीहा बढ़ना- 5 तोला गोमूत्र में 1 चुटकी नमक मिलाकर पि‍एं या पुनर्नवा के क्वाथ को समान भाग गोमूत्र मिलाकर लें। आप यह भी कर सकते हैं कि  गर्म ईंट पर उससे गोमूत्र में कपड़ा भिगोकर लपेटें तथा प्रभावित स्थान पर हल्की-हल्की सिंकाई करें।

(7) कब्ज या पेट फूलने पर – (क) 3 तोला ताजा गोमूत्र Cow urine छानकर उसमें आधा चम्मच नमक मिलाकर पिलाएं। (ख) बच्चे का पेट फूल जाए तो 1 चम्मच गोमूत्र पिलाएं। और गैस की समस्या में प्रात:काल आधे कप गोमूत्र में नमक तथा नींबू का रस मिलाकर पिलाएं या फिर पुराने गैस के रोग के लिए गोमूत्र को पकाकर प्राप्त किया गया क्षार भी गुणकारी है।

(8) गले का कैंसर – 100 मिली गोमूत्र तथा सुपारी के बराबर गाय का गोबर दोनों को मिलाकर स्वच्छ बर्तन में छान लें। सुबह नित्य कर्म से निवृत्त होकर निराहार 6 माह तक प्रयोग करें।

(9)चर्मरोग – नीम गिलोय क्वाथ के साथ सुबह-शाम गोमूत्र का सेवन करने से रक्तदोषजन्य चर्मरोग नष्ट हो जाता है। इसके अलावा चर्मरोग पर जीरे को महीन पीसकर गोमूत्र मिलाकर लेप करना भी लाभकारी है।

(10) आंख के रोग – आंख के धुंधलेपन एवं रतौंधी में काली बछिया के मूत्र को तांबे के बर्तन में गर्म करें। चौथाई भाग बचने पर छान लें और उसे कांच की शीशी में भर लें। उससे सुबह-शाम आंख धोएं।

(11). पेट में कृमि – आधा चम्मच अजवाइन के चूर्ण के साथ 4 चम्मच गोमूत्र 1 सप्ताह सेवन करें। और कब्ज की समस्या होने पर हरड़ के चूर्ण के साथ गोमूत्र सेवन करें।

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गोमूत्र Cow urine सेवन में कुछ सावधानियां

(1) देशी गाय का गोमूत्र Cow urine ही सेवन करें। गाय गर्भवती या रोगी न हो।

(2) जंगल में चरने वाली गाय का मूत्र सर्वोत्तम है।

(3)  1 वर्ष से कम की बछिया का मूत्र सर्वोत्तम है।

(4)  मालिश के लिए 2 से 7 दिन पुराना गोमूत्र अच्‍छा रहता है।

(5)  पीने हेतु गोमूत्र को 4 से 8 बार कपड़े से छानकर प्रयोग करना चाहिए।

(6)  बच्चों को 5-5 ग्राम और बड़ों को 10 से 20 ग्राम की मात्रा में गोमूत्र सेवन करना चाहिए।

नोट :-

विशेष ध्यान रखना है गोमूत्र Cow urine ब्रह्म मुहूर्त में ही इकट्ठा करना है और चिकित्सा निमित्त सर्वोत्तम काली गाय का गोमूत्र या किसी भी 2 महीने से 12 मास तक बछड़ी का ही गोमूत्र लेने से परिणाम सर्वोत्तम नजर आते हैं।
कोई पुरुष हो या महिला जो बांझपन की समस्‍या से ग्रस्त है वो गौमूत्र का सेवन करने से पहले आपको डॉक्टरों की राय जरूर लेनी चाहिए
गौमूत्र गर्म होता है इसलिए इस का सिमित मात्रा में उपयोग करना चाहिए।
यदि आप किसी विशेष प्रकार की बीमारी या दवाओं का सेवन कर रहे हैं तो गौमूत्र (Cow urine) का सेवन करने से पहले आपको डॉक्टरों की राय जरूर लेनी चाहिए

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डॉ, मनवर सिंह BAMS