लौंग के फायदे in Hindi | 14 Benefits Of Cloves

लौंग के फायदे -Benefits Of Cloves

लौंग के फायदे के बारे में सायद हमें पहले से पता था इसी लिए इसे हम ने अपने घर के मसालों में इसे जगह दी ,लौंग Cloves भारतीय मसालों में अपनि खुशबू और स्वाद की ऐक अलग पहचान है जो लगभग सभी भारतीय लोगों की किचन में रखा रहता है|लौंग के फायदे के बारे में आयुर्वेदिक ग्रंथों में इसके कई फायदे बताए गए हैं| लॉन्ग गर्म प्रवर्ती की होती है|लौंगवेसे तो सभी के लिए लाभदायक होती है|लेकिन पुरुषों के लिए बिसेष लाभदायक मानी जाती है।

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लौंग cloves में विटमिन-B के कई प्रकार और पोषण मिलते हैं। जैसे, विटमिन-B1,B2,B4,B6,B9 और विटमिन-सी तथा बीटा कैरोटीन विटमिन-K,प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीम, आयरन, कैल्शियम, फॉस्फोरस, पोटैशियम, सोडियम और हाइड्रोक्लोरिक एसिड, जैसे कई तत्व लौंग में मिलते हैं।

लौंग के फायदे लौंग में करीब 30 प्रतिशत फाइवर होता है। लौंग का तेल भी प्रयोग किया जाता है| जेसे दर्द, लालिमा, निशान को कम करने में मुंहासे को भी रोकने में लौंग का तेल मदद करता है।

लौंग cloves को अलग अलग भाषा में अलग अलग नाम से जानते है|

Hindi-लोंग, लौंग,long
English-Cloves, जंजिबर रैड हेड (Zanzibar red head), Clove (क्लोव)
Urdu – लौंग (Laung), लवंग (Lavang)
Kannada – लवंग (Lavanga), रूंग (Rung)
Gujarati – लवींग
Telugu – करवप्पु (Karvappu), लवंगमु (Lavangamu)
Tamil : किरांबु (Kirambu), किराम्पु (Kirampu)
Bengali – लवंग (Lavang)
Nepali – लवांग (Lwang)
Marathi – लवंग (Lavang)
Malayalam – लौंग (Laung), ग्रामपु (Grampu), करयाम्पु (Karayampu)
Arabic – करनफल (Qaranphal), करनफूल (Qaranphul)
Persian – मेखत (Mekhat), मेखक (Mekhak)

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लौंग के उपयोग-Use of cloves

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लौंग के फायदे के बाद  बात आती है लौंग के उपयोग-Use of cloves केसे करें वेसे तो लौंग cloves के आयुर्वेद ग्रंथों में बहुत सरे फायदे और प्रयोग में लेन के तरीके बताये गये हैं,उन मेंसे कुछ फायदे और उपयोग करने के तरीके हम आप को बता रहे हैं|

1-सर्दी लगने पर लौंग के फायदे : लौंग cloves का काढ़ा बनाकर मरीज को पिलाने से सर्दी लगने पर में लाभ होता है।

2-दांत का दर्द में लौंग के फायदे- लॉन्ग cloves के अर्क को रुई पर डालकर उस फाहे को दांत पर रखें। इससे दांत के दर्द में लाभ होता है। या आप इसे 2 लौंग ले कर एक चम्मच नींबू के रस में घिसकर दांतों में लगाने से भी लाभ मिलता है

3-मूर्छा एवं मिर्गी की शुरुआत – जिनको मूर्छा एवं मिर्गी की शुरुआत है वो लॉन्ग cloves को घिसकर उसका अंजन करने से लाभ होता है।

4-पेट में गैस में लौंग के फायदे- लोंग पेट में गैस के लिए भी उपयोगी होता है पेट में गैस की प्रॉब्लम के लिए, एक कप उबलते हुए पानी में 2 लौंग पीसकर डालें.

6- रतौंधी : बकरी के मूत्र में लॉन्ग cloves को घिसकर उसको आँजने से लाभ होता है।

7-सिरदर्द : सिरदर्द में लॉन्ग का तेल सिर पर लगाने से या लॉन्ग को पीसकर ललाट पर लेप करने से राहत मिलती है।

8-साँस श्वास की दुर्गंध : लॉन्ग cloves का चूर्ण खाने से अथवा दातों पर लगाने से दांत मजबूत होते हैं। मुंह की दुर्गंध, कफ, लार, थूक के द्वारा बाहर निकल जाती है। इससे श्वास सुगंधित निकलती है, कफ मिट जाता है और पाचनशक्ति बढ़ती है। मुंह की बदबू के लिए आप 2 लौंग 1 छोटी इलायची के साथ चबाएं.ये भी कर सकते हैं|

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9-गर्भिणी की उल्टी : 2 लॉन्ग cloves को गर्म पानी में भिगोकर वह पानी पीने की सलाह एलोपैथ के डॉक्टरों द्वारा भी दी जाती है।

10-अग्निमांद्य, अजीर्ण एवं हैजा : लौंग के फायदे लॉन्ग cloves का अष्टमांश काढ़ा अर्थात आठवां भाग जितना पानी बचे, ऐसा काढ़ा बनाकर पिलाने से रोगी को राहत मिलती है। हैजे में प्यास लगने पर अथवा मिचली आने पर : 7 लॉन्ग अथवा 2 जायफल अथवा 2 ग्राम नागरमोथ पानी में उबालकर ठंडा करके रोगी को पिलाने से लाभ होता है।
लौंग के फायदे खांसी, बुखार, अरुचि, प्रमेह, संग्रहणी एवं गुल्म : लॉन्ग, जायफल एवं लेंडीपीपर 1 भाग, बहेड़ा 3 भाग, काली मिर्च 3 भाग और लॉन्ग 16 भाग लेकर उसका चूर्ण करें। उसके बाद 2 ग्राम चूर्ण में उतनी ही मिश्री डालकर खाएं। इससे लाभ होता है।

11-मूत्रल में – लॉन्ग cloves का चूर्ण नित्य 125 मि.ग्रा. से 250 मि.ग्रा. लेने से मूत्रपिंड से मूत्रद्वार तक के मार्ग की शुद्धि होती है और मूत्र खुलकर आता है।

12- खाँसी के लिए लवंगादिवटी – लॉन्ग, cloves काली मिर्च, बहेड़ा– इन तीनों को समान मात्रा में मिला लें। फिर इन तीनों की सम्मिलित मात्रा जितनी खैर की अंतरछाल अथवा सफेद कत्था भी इसमें डालें। इसके पश्चात बबूल की अंतरछाल के काढ़े में 3- 3 ग्राम वजन की गोलियां बनायें। रोज दो तीन बार एक- एक गोली मुंह में रखने से खांसी में शीघ्र राहत मिलती है।

13-खांसी वगैरह के लिए लवंगादिचूर्ण – लॉन्ग, cloves जायफल और लेंडीपीपर आधा तोला, काली मिर्च 2 तोला और सोंठ 16 तोला लेकर उसका चूर्ण तैयार करें। अब चूर्ण के बराबर मात्रा में मिश्री मिलाएं। यह चूर्ण तीव्र खांसी, ज्वर, अरुचि, गुल्म, श्वास, अग्निमांद्य एवं संग्रहणी में उपयोगी है।
कफ़ और खाँसी  मिट्टी का तवा या तवे जैसा टुकड़ा गर्म करें। लाल हो जाने पर बाहर निकालकर एक बर्तन में रखें और उसके ऊपर साथ लॉन्ग cloves डालकर उन्हें सेंकें। फिर लॉन्ग को पीसकर शहद के साथ लेने से लाभ होता है।

14-जोड़ों का दर्द Arthritis में लौंग के फायदे
लौंग जोड़ों Arthritis के दर्द की समस्या में भी काफी फ़ायदेमंद माना जाता है लौंग को आयुर्वेद में दर्दनिवारक माना गया है जिसके कारण लौंग का तेल जोड़ों के दर्द Arthritis के लिए बहुत फ़ायदेमंद होता है।

लौंग के फायदे तो बहुत हैं लॉन्ग cloves गर्म प्रवर्ती की होती है| इस लिए इसे ज्यादा नही खाना चाहिए, इसे एक दिन में दो से ज्यादा लौंग नही खानी चाहिए,

 

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