food according to Ayurveda-आयुर्वेद केअनुसार लें आहार वात पित्त कफ

food according to Ayurveda-आयुर्वेद के अनुसार आहार

food according to Ayurveda-वात पित्त कफ के अनुसार मनुष्य की प्रकृति होती है, किसी की वात, किसी की पित किसी की कफ। किसी की द्वंद् किसी की सम प्रकृति होती है। सम प्रकृति अर्थात जिसमे सभी दोष समान हों उसको श्रेष्ठ कहा गया है।उसके बाद कफ प्रकृति को भीउत्तम कहा गयाहै लेकिन वात प्रकृति हीन होती है। इन प्रकृतियों के अनुसार ही मनुष्य का स्वभाव एवं शरीर की स्थिति होती है।
वात प्रकृति का मनुष्य दुबला पतला, चंचल होता है, उसकी आयु भी कम होती है। कफ प्रकृति का मनुष्य धीर गम्भीर, हृष्ट् पुष्ट् होता है और अधिक आयु वाला होता है, जबकि पित प्रकृति का मनुष्य मध्यम आयु का लेकिन तेज बुद्धि वाला होता है।

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इन प्रकृति के अनुसार ही अगर हम आहार बिहार-food according to Ayurveda करें तो प्रकृति जन्य नुकसान से बच सकते हैं।

food according to Ayurveda-वात प्रकृति के अनुरूप आहार (vat prakriti diet plan)

आयुर्वेद में वात प्रकृति वाले लोगों के लिए  मीठे, खट्टे और नमकीन स्वाद का दोष पर संतुलित असर पड़ता है।
वात प्रकारों को भी गर्म भोजन और पेय पदार्थों को महत्व देना चाहिए।

निम्नलिखित भोजनों की सिफारिश की जाती हैं।-food according to Ayurveda 

अनाज : गेहूं, जई, बासमती चावल अनाज,
सब्जियां : अच्छे से पकी सब्जियां,चुकुंदर, गाजर, खीरा, भिंडी, शकरकंद, स्टीम की गयी मूली, सिलेरी, एस्पैरागस, ताजी मटर, आलू, टमाटर, हरी पत्तेदार सब्जियां।
दालें : पीली मूंग दाल, मसूर दाल (दोनों छिलके सहित), अच्छी क्वालिटी के पके हुए छोलें जब वे मुलायम हों।
फल : मीठे, पके हुए फल जैसे अंगूर, आम, केले, अवकाडो, तरबूत, पपीता, बेरीज, चेरीज, नारियल, ताजे अंजीर, ताजे खजूर, संरते, आडू, नेक्टरीन्स, पाइनेप्पल, आलू बुखारा, ढेर सारे सेव और नाशपाती, मुख्यतया स्ट्यू किए गए।
दूध के उत्पाद : दूध, क्रीम, क्रीम चीज, लस्सी, खट्टे दूध के उत्पाद।
तेल और वसा : घी, मक्खन, तल का तेल, सूरजमुखी का तेल, ऑलिव ऑयल।
मेवे और बीज : काजू, कद्दू के बीज, साबुत बादाम, तिल के बीज, सूरजमुखी के बीज।

मसाले एवं जड़ी बूटियां- अनीज, हींग, मेथी, जीरा, हल्दी, सौंफ, अदरक, इलायची, लौंग, जायफल, कलौंजी, नमक, सरसों के दाने, काली मिर्च, दालचीनी।

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food according to Ayurveda पित्त प्रकृति के अनुरूप आहार (pitta prakriti diet plan)

पित्त सरंचना के लिए मीठा, कड़वा और कसैला स्वाद में दोषों पर संतुलित असर होता है। पित्त प्रकारों को ठंडक भरा खाना और पेय की जरुरत होती है और food according to Ayurveda-निम्नलिखित भोजनों को पसंद करना चाहिए

अनाज : बासमती चावल, गेहूं, सूजी, ओट्स, जौ,
सब्जियां : सब्जियां जिनका स्वाद या तो मीठा, कड़वा या कसैला हो । आलू, हरी बीन्स, हरी पत्तेदार सब्जियां, भिंडी, एस्पैरागस, खीरा, फूलगोभी, लाल पत्ता गोभी, सफेद पत्तागोभी, मटर, कद्दू, लौकी।
दालें : सभी तरह की दालें, जैसे – लाल दालें, चना दाल, उड़द दाल, पीली मूंग दाल, छोले ।
फल : केला, नाशपाती, फिरस, खजूर, आम, अंगूर, मीठी चेरीज, नारियल, तरबूज, आलू बुखारा, किशमिश, अनार और मीठे, पके हुए सेब।
दूध के उत्पाद : दूध, क्रीम, क्रीम चीज, लस्सी, ठंडी आईस-क्रीम (शर्बत) लेकिन किफायत से।

तेल और वसा : घी, मक्खन, नारियल तेल, ऑलिव ऑयल।

मेवे और बीज : नारियल, हरे पिस्ता, ।

स्वीटनर (शक्कर) : गुड़, पॉम शुगर।

मसाले एवं जड़ी बूटियां- धनिया, जीरा, सौंफ, किफायती मात्रा में अदरक, इलायची,केसर, जरा सी काली मिर्च, दालचीनी।
बेसिल (तुलसी), हरा धनिया, मिन्ट, पार्सले, सेज, लेमन बाम ,सभी मीठी, कसैली और कड़वे स्वाद वाली जड़ी-बूटियां।

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pitta prakriti diet plan कफ प्रकृति के अनुरूप आहार (cough prakriti diet plan)

कफ प्रकृति वालों के लिए food according to Ayurveda तीखा, कड़वा और कसैला स्वाद वाले भोजन दोष को संतुलित करते हैं। भोजन चटपटा और गर्म खाना पसंद किया जाता है। कफ प्रकृति वालों को वसा और तले हुए भोजनों से सावधान रहना चाहिए। कफ हावी रहने वालों के लिए सिफारिश किए गए भोजन*

अनाज : बासमती चावल किफायती मात्रा में, बाजरा, मक्का, जौ, राई, मकई
सब्जियां: तीखी, कड़वी और कसैली सब्जियां पसंद की जानी चाहिए, ब्रोकली, फूलगोभी, चिकोरी, चुकुंदर, गाजर, पेपरिका, मटर, लाल पत्ता गोभी, सफेद पत्ता गोभी, हरी पत्तेदारी सब्जियां, लेट्यूस मूली, छोटी मूली, सौंफ।

दालें : दालें, चना दाल, तुअर दाल, पीली मूंग दाल, छोले, लाल दालें।
फल :सेव, बेरीज, आम, नाशपाती, अनार, चेरीज, सूखे हुए किशमिश, आलूबुखारा और फिग्स।

दूध के उत्पाद : दूध के उत्पाद किफायत से, क्योंकि वे कफ प्रकार वालों में अपशिष्ट पदार्थ बनाते हैं। छाछ, लस्सी।
तेल और वसा : केवल छोटी मात्राओं में। घी, सूरजमुखी का तेल, सैफ्लावर तेल, ऑलिव ऑयल।

स्वीटर/शक्कर : शहद, गुड़ सीमित मात्रा में।

मसाले एवं ज़ड़ी बूटियां- food according to Ayurveda हींग, अदरक, मिर्ची, काली मिर्च, धनिया के बीज, हल्दी, दालचीनी, लौंग, इलायची, जीरा, सरसों के दाने, मेथी के दाने, काला जीरा,हरा धनिया, तुलसी आदि।

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डॉ. मनवर सिंह BAMS

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