अमित शाह का पाकिस्तान को संदेश जैसा सवाल वैसा जवाब मिलेगा

गृह मंत्री अमित शाह का पाकिस्तान को संदेश कहा वो युग था जब बातों से बात होती थी अब जैसा सामने से सवाल आएगा, वैसा ही जवाब दिया जाएगा।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 14 अक्टूबर को गोवा के धारबांदोडा में राष्ट्रीय फ़ॉरेन्सिक साइंस यूनिवर्सिटी (NFSU) के तीसरे कैंपस की आधारशिला रखी। अमित शाह ने अपने संबोधन में गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री और भारत के पूर्व रक्षा मंत्री स्वर्गीय श्री मनोहर पर्रिकर जी को याद करते हुए कहा कि पर्रिकर जी गोवा के मुख्यमंत्री के रूप में प्रदेश को बदलने की शुरूआत की।

अमित शाह ने अपने संबोधन कहा कि वर्षों से देश की सीमाओं को लांघकर उग्रवादी आते थे और उग्रवाद फैलाते थे और नई दिल्ली से निवेदन के अलावा कुछ नहीं होता था। लेकिन जब कश्मीर के पुंछ में हमला हुआ और हमारे जवान शहीद हुए, तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और रश्रा मंत्री श्री मनोहर पर्रिकर के नेतृत्व में पहली बार सर्जिकल स्ट्राइक करके भारत ने दुनिया को बता दिया कि भारत की सीमाओं से छेड़खानी करना इतना सरल नहीं है।

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उन्होंने कहा कि मोदी जी और पर्रिकर जी के नेतृत्व में पहली बार भारत ने अपनी सीमाओं की सुरक्षा, सम्मान अपने सार्वभौमत्व का गौरव प्रस्थापित करने का काम करके एक युगांतकारी शुरूआत की। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि एक वो युग था जब बातों से बात होती थी और फिर एक युग आया कि जैसा सामने से सवाल आएगा, वैसा ही जवाब दिया जाएगा।

अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में तत्कालीन रक्षा मंत्री के तौर पर श्री मनोहर पर्रिकर ने दो बड़े काम किए जिनके लिए देश उन्हें हमेशा याद रखेगा। पहला, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में श्री मनोहर पर्रिकर जी ने देश की तीनों सेनाओं को वन रैंक, वन पेंशन देने का काम किया। सेनाओं के जवान अपने जीवनकाल का एक बड़ा हिस्सा दुष्कर परिस्थितियों में देश की रक्षा में गुज़ार देते हैं, उनके त्याग, तपस्या और बलिदान को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और श्री मनोहर पर्रिकर ने पहचाना। उन्होंने कहा कि कि आज देश की सीमाओं के रखवाले पूरी तरह आश्वस्त हैं कि उनके परिवार की चिंता भारत सरकार कर रही है और वन रैंक, वन पेंशन के लिए मोदी जी और पर्रिकर जी को भारत युगों तक याद करेगा।

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उन्होने मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत से गोवा के बच्चों में इस यूनिवर्सिटी को पॉपुलर करने का अनुरोघ करते हुए कहा कि इसके अंतर्गत इतने कॉलेज खुलेंगे कि सबको नौकरी मिल जाएगी। उन्होंने कहा कि 200 छात्रों और 5 विषयों के साथ आज यह कॉलेज शुरू हो रहा है और मैं सभी गोवा वासियों को कहना चाहता हूं कि उनके बच्चे फॉरेंसिक साइंस शिक्षा स्वीकार करें, पढ़ें और अपनी जॉब सुनिश्चित करें।

शाह ने कहा कि फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी में न केवल बच्चों को फॉरेंसिक साइंस पढ़ाया जाएगा बल्कि पुलिस ऑफिसर, जुडिशल ऑफिसर, साइबर सिक्योरिटी से जुड़े लोग और प्राइवेट कंपनियों के सिक्योरिटी से जुड़े लोगों के लिये डिप्लोमा कोर्स की व्यवस्था भी की गई है। अमित शाह ने नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी के उपकुलपति से कहा कि गोवा में पर्यटन स्थल और पर्यटक सुरक्षा से जुड़े विषय पर भी कुछ डिप्लोमा कोर्सेज तैयार करना चाहिए,

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साथ ही ड्रग्स और नारकोटिक्स के लिए भी यहाँ एक बहुत अच्छा एनालिसिस सेंटर बनाना चाहिए और तटीय पुलिस के लिए भी व्यवस्था करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मुझे भरोसा है कियहां स्थापित हो रहा कॉलेज न केवल गोवा बल्कि पूरे पश्चिम भारत और कर्नाटक तक अपनी महक और सुगंध को आगे बढ़ाएगा और कानून व्यवस्था की परिस्थिति को कंट्रोल करने में मदद करेगा।