अहमदाबाद मेट्रो रेल परियोजना का प्रधानमंत्री ने किया उद्घाटन

प्रधानमंत्री ने अहमदाबाद मेट्रो रेल परियोजना का उद्घाटन किया और कालूपुर स्टेशन से दूरदर्शन केंद्र मेट्रो स्टेशन तक मेट्रो की सवारी भी की।
अपनी गुजरात यात्रा के दूसरे दिन, प्रधानमंत्री ने अहमदाबाद मेट्रो रेल परियोजना को हरी झंडी दिखाई। प्रधानमंत्री गांधीनगर स्टेशन से नई वंदे भारत एक्सप्रेस 2.0 में बैठकर कालूपुर स्टेशन पहुंचे। इस अवसर पर, उन्‍होंने मेट्रो रेल प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी के साथ गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत और केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री हरदीप सिंह पुरी भी उपस्थित थे।मेट्रो में यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री ने छात्रों, खिलाड़ियों और आम यात्रियों के साथ बातचीत की। मेट्रो रेल में मौजूद कई यात्रियों ने प्रधानमंत्री के ऑटोग्राफ भी लिए।

इन्हें भी पढ़ें

Navratri 2022 जानें नवरात्रि का महत्व,शुभ योग, घटस्थापना मुहूर्त, पूजा विधि

Homemade face pack: घर में इन 3 चीजों से चुटकियों में बनाइए ये फेसपैक

 moongphali khane ke fayde | Amazing benefits of peanuts

लौंग के फायदे in Hindi | 14 Benefits Of Cloves

झटपट 5 मिनट में दही चटनी रेसिपी

नारियल की पूजा क्यों की जाती

आपके किचन में पाचन के लिए ये हैं ये 3 सुपरफूड, डाइट में जरूर करें शामिल रहें हेल्दी

अहमदाबाद मेट्रो रेल परियोजना बहुआयामी बुनियादी ढांचा संपर्क की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रोत्साहन है। अहमदाबाद मेट्रो परियोजना के पहले चरण में अपैरल पार्क से थलतेज तक पूर्व-पश्चिम कॉरिडोर और मोटेरा से ग्यासपुर के बीच उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर का लगभग 32 किलोमीटर शामिल है। पूर्व-पश्चिम गलियारे में थलतेज-वस्त्र मार्ग में 17 स्टेशन हैं। इस कॉरिडोर में चार स्टेशनों के साथ 6.6 किलोमीटर का भूमिगत खंड भी है। ग्यासपुर को मोटेरा स्टेडियम से जोड़ने वाले 19 किलोमीटर उत्तर-दक्षिण गलियारे में 15 स्टेशन हैं। इस परियोजना के संपूर्ण पहले चरण को 12,900 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से तैयार किया गया है।

अहमदाबाद मेट्रो भूमिगत सुरंगों, सेतुओं, खंभों और भूमिगत स्टेशनों, गिट्टी रहित रेल पटरियों और चालक रहित ट्रेन संचालन के मामले में रोलिंग स्टॉक से युक्त एक विशाल अत्याधुनिक बुनियादी ढांचा परियोजना है। यह मेट्रो ट्रेन एक ऊर्जा-कुशल प्रणोदन प्रणाली से सुसज्जित है जिससे ऊर्जा की खपत में लगभग 30-35 प्रतिशत की बचत हो सकती है। ट्रेन में अत्याधुनिक सस्पेंशन सिस्टम है जो यात्रियों को बहुत ही सहज सवारी का अनुभव प्रदान करता है।