उत्तराखंड गांवों में अहर्निशं सेवामहे संकल्प के साथ हंस फाउंडेशन पहुंचा रहा जीवन रक्षक उपकरण

कोरोना संक्रमण के मामले अब धीरे-धीरे गांवों में भी पैर पसारने चुका है। जिसे देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुछ दिन पहले देश के कई जिलाधिकारियों से बात करते हुए कहा था कि ‘कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर में ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों पर बहुत ध्यान देना होगा। जब जिला कोरोना को हराएगा तभी देश कोरोना से जंग जीतेगा।
प्रधानमंत्री के इसी हौसले की कड़ी है हंस फाउंडेशन, के ‘अहर्निशं सेवामहे’ संकल्प के साथ पहाड़ को कोरोना संक्रमण से मुक्ति दिलाने के लिए अपने सेवाकों के साथ रात-दिन स्वास्थ्य संबंधि हर जरूरी समान सामुदायिक स्वस्थ्य केंद्रों,पुलिस कर्मियों,ग्राम प्रधानों और आशा कार्यकर्ताओं तक पहुंच रहा है। ताकि उत्तराखंड का हर गांव कोरोना संक्रमण से बच सके।

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पौड़ी जनपद के चौबट्टाखाल विधानसभा की समस्त ग्राम पंचायतों में कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए प्रथम पंक्ति में तैनात कोरोना वॉरियर्स को इस क्षेत्र के ग्रामीणों को किसी भी आपात स्थिति में सेवा देने के लिए रक्षा कवच के तौर पर ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर्स,नेबोलाइजंर मशीन, ऑक्सिमीटर, डिजिटल थर्मोमीटर, पीपीई किट, इंफ्रारेड थर्मोमीटर, ऑक्सीजन मास्क,सर्जिकल मास्क,सैनिटाइजर, स्टीमर, बीपी मशीन,गाउन सहित अन्य सामग्री प्रदान की है।

इसी के साथ सरकारी नियामानुसार चौबट्टाखाल विधानसभा के विभिन्न प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं सरकारी अस्पतालों इत्यादि को होम आईसोलेशन किट भी प्रदान की जा रही है।

चौबट्टाखाल विधानसभा के गांव में ग्राम प्रधानों,आशा कार्यकर्ताओं,प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और पुलिस-प्रशासन को कोरोना संक्रमण से लड़ने के लिए हंस फाउंडेशन द्वारा प्रदान की गई स्वास्थ्य कीट उपलब्ध कराई गई है,ताकि किसी भी आपात स्थिति में जल्द से जल्द ग्रामीणों को मदद मिल सके और ग्रामीणों को इस संक्रमण से संक्रमित होने से बचाया जा सके।

इन दिनों उत्तराखंड में लगातार बारिश हो रही हैं। इसके बावजूद भी हंस फाउंडेशन के स्वयंसेवकों द्वारा सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन का अनुपालन करते हुए,चौबट्टाखाल के ग्रामीणों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए हंस फाउंडेशन की स्वास्थ्य रक्षा संबंधित कीट पहुंचायी जा रही है।

जिसमें पोखड़ा,सतपुली, पाटीसैंण, नौगांवखाल, पैठाणी,द्वारीखाल, नैनीडांडा,एकेश्वर और बीरोंखाल के तमाम दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्र शामिल है,यहां तक हंस फाउंडेशन की स्वास्थ्य संबंधिति सामग्री पहुंचाई जा चुकी है और यह सेवा का कार्य निरंतर जारी है।

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