वायुसेना के विमानों के लिए बाडमेर में हाइवे पर इमरजेंसी लैंडिंग फिल्ड का रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और नितिन गडकरी ने किया उद्घाटन

वायुसेना के विमानों के लिए बाडमेर में हाइवे पर इमरजेंसी लैंडिंग फिल्ड का रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और नितिन गडकरी ने आज उद्घाटन किया
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, एयर चीफ मार्शल आर.के.एस. भदौरिया और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत जालौर में राष्ट्रीय राजमार्ग पर इमरजेंसी लैंडिंग फिल्ड के उद्घाटन के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। मंत्रियों ने एनएच-925 की आपातकालीन लैंडिंग सुविधा (ईएलएफ) पर कई विमान संचालन देखे। हरक्यूलिस के अलावा सुखोई-30 एमकेआई और एएन 32 आपातकालीन लैंडिंग पट्टी पर उतरे। साथ ही जगुआर लड़ाकू विमानों ने लैंडिंग स्ट्रिप पर टच एंड गो का प्रदर्शन किया। राष्ट्रीय राजमार्ग पर नवनिर्मित 3.5 किलोमीटर लंबी आपातकालीन लैंडिंग पट्टी पर उतरा। यह स्थल अंतरराष्ट्रीय सीमा से केवल 40 किलोमीटर की दूरी पर है। राजस्थान के जालोर में राष्ट्रीय राजमार्ग-925 पर सट्टा-गंधव खंड पर आपातकालीन लैंडिंग पट्टी का निर्माण 43 करोड़ रुपये में किया गया है, जिसमें 5 करोड़ रुपये में भूमि अधिग्रहण भी शामिल है।

अपने संबोधन में राजनाथ सिंह ने कोविड-19 प्रतिबंधों के बावजूद 19 महीनों में आपातकालीन लैंडिंग फील्ड के निर्माण को पूरा करने और इसके लिए मिल-जुलकर काम करने के लिए भारतीय वायुसेना, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और निजी क्षेत्र की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह कई विभागों और मंत्रालयों, सरकारी और निजी क्षेत्र और नागरिक और रक्षा विभागों के बीच समन्वय का एक बेहतरीन उदाहरण है।

रक्षा मंत्री ने भारतीय वायुसेना के विमानों की 3 किमी की दूरी पर लैंडिंग को नए भारत की एक ऐतिहासिक नई ताकत के रूप में परिभाषित किया, क्योंकि यह लैंडिंग स्वतंत्रता के 75 वें वर्ष और 1971 के युद्ध में भारत की जीत के 50 वें वर्ष के साथ मेल खाती है।

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रक्षा मंत्री ने अंतर्राष्ट्रीय सीमा के पास ईएलएफ को राष्ट्र की एकता और संप्रभुता की रक्षा के लिए सरकार की प्रतिबद्धता का एक सजीव उदाहरण बताया। उन्होंने कहा, “यह राजमार्ग और लैंडिंग क्षेत्र पश्चिमी सीमा के साथ बुनियादी ढांचे और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करेगा। इस तरह के आपातकालीन क्षेत्र हमारे बलों की अभियानगत और नागरिक सहायता को और अधिक प्रोत्साहन प्रदान करेंगे।यह प्राकृतिक आपदाओं का सामना करने में भी अहम भूमिका निभाएगा।”

राजनाथ सिंह ने प्राकृतिक आपदाओं के दौरान उसी तरह के साहस, समर्पण और तत्परता का प्रदर्शन करने के लिएसशस्त्र बलों की सराहना की, जिस प्रकार वे अपने विरोधियों का सामना करते हैं। उन्होंने कोविड-19 महामारी से उत्पन्न स्थिति से निपटने में केंद्रीय भूमिका निभाने के लिए भारतीय वायु सेना की सराहना की।

यह परियोजना अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित बाड़मेर और जालोर जिलों के गांवों के बीच संपर्क में सुधार करेगी। पश्चिमी सीमा क्षेत्र में स्थित सड़क का खंड भारतीय सेना की सतर्कता सुनिश्चित करेगा और देश के बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगा। सामान्य समय के दौरान सड़क यातायात के सुचारू संचालन के लिए ईएलएफ का उपयोग किया जाएगा ।

केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी ने कहा हमलोग प्रतिदिन 2 किलोमीटर सड़क बनाने तक आए थे। कोरोना के बावजूद भी हमने प्रतिदिन 38 किलोमीटर सड़क बनाया है जो दुनिया में सबसे ज़्यादा है। मुंबई और दिल्ली के बीच हमलोग एक्सप्रेस हाईवे बना रहे हैं जिसका 60-65% काम पूरा हुआ है

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