प्रधानमंत्री ने महोबा उत्तर प्रदेश से उज्ज्वला योजना 2.0 का किया शुभारंभ

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को  महोबा, उत्तर प्रदेश से उज्ज्वला योजना 2.0 का शुभारंभ किया

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को महोबा, उत्तर प्रदेश में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एलपीजी कनेक्शन सौंपकर उज्ज्वला 2.0 (प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना- पीएमयूवाई) का शुभारंभ किया। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने उज्ज्वला के लाभार्थियों से बातचीत भी की।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें रक्षाबंधन से पहले यूपी की बहनों को संबोधित करते हुए बहुत खुशी हो रही है। उन्होंने कहा कि उज्ज्वला योजना से जिन लोगों का जीवन रोशन हुआ है, उनकी संख्या अभूतपूर्व है और इनमें बड़ी संख्या महिलाओं की हैं। यह योजना, 2016 में यूपी के बलिया, स्वतंत्रता संग्राम के प्रणेता मंगल पांडे की भूमि से शुरू की गई थी। उन्होंने कहा कि आज उज्ज्वला का दूसरा संस्करण भी यूपी की वीरभूमि-महोबा से शुरू किया गया है।

उन्होंने बुंदेलखंड की धरती के एक और सपूत मेजर ध्यान चंद या दद्दा ध्यान चंद का स्मरण किया। उन्होंने कहा कि देश के सर्वोच्च खेल पुरस्कार का नाम अब मेजर ध्यान चंद खेल रत्न पुरस्कार हो गया है। उन्होंने कहा कि इससे उन लाखों लोगों को प्रेरणा मिलेगी, जो खेल में आगे बढ़ना चाहते हैं।

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प्रधानमंत्री ने इस बात पर अफसोस व्यक्त किया कि घर, बिजली, पानी, शौचालय, गैस, सड़क, अस्पताल और स्कूल ऐसी अनेक मूल आवश्यकताएं है जिनकी पूर्ति के लिए देशवासियों को दशकों तक इंतजार करना पड़ा। ऐसी कई चीजों को दशकों पहले देशवासियों को सुलभ कराया जा सकता था। उन्होंने कहा कि हमारी बेटियां घर और रसोई से बाहर निकलकर राष्ट्र निर्माण में व्यापक योगदान तभी दे पाएंगी, जब पहले घर और रसोई से जुड़ी समस्याएं हल होंगी। इसलिए बीते 6-7 सालों में सरकार ने ऐसे हर समाधान के लिए मिशन मोड पर काम किया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बहनों के स्वास्थ्य, सुविधा और सशक्तिकरण के इस संकल्प को उज्ज्वला योजना ने बहुत बड़ा बल दिया है। योजना के पहले चरण में 8 करोड़ गरीब, दलित, वंचित, पिछड़े, आदिवासी परिवारों की बहनों को मुफ्त गैस कनेक्शन दिया गया। उन्होंने कहा कि इस मुफ्त गैस कनेक्शन का कितना लाभ हुआ है, ये हमने कोरोना काल में देखा है। उज्ज्वला योजना से एलपीजी गैस के बुनियादी ढांचे का कई गुना विस्तार सुनिश्चित हुआ है। पिछले 6-7 वर्षों के दौरान 11 हजार से भी अधिक एलपीजी वितरण केंद्र खोले गए हैं। उत्तर प्रदेश में इन केंद्रों की संख्या वर्ष 2014 के 2 हजार से बढ़कर 4 हजार हो गई है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हम शत-प्रतिशत गैस कवरेज के बहुत करीब हैं क्योंकि वर्ष 2014 में कुल जितने गैस कनेक्शन थे उससे कहीं अधिक गैस कनेक्शन पिछले 7 वर्षों के दौरान दिए गए हैं।

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प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि पाइप के माध्यम से बड़े पैमाने पर गैस उपलब्ध कराने के प्रयास जारी हैं। उन्होंने कहा कि पीएनजी, सिलेंडर की तुलना में काफी सस्ती होती है और उत्तर प्रदेश समेत पूर्वी भारत के कई जिलों में पीएनजी मुहैया कराने का काम तेजी से चल रहा है। पहले चरण में उत्तर प्रदेश के 50 से अधिक जिलों में 12 लाख घरों को इससे जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि हम लक्ष्य के बहुत करीब हैं।

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