एम्स के निदेशक डॉ रणदीप गुलेरिया ने कहा जहां पॉजिटिविटी रेट बहुत कम वहां स्कूल खोल सकते हैं

भारत में कोविड-19 महामारी की तीसरी लहर की आशंका के बीच एम्स के निदेशक डॉ रणदीप गुलेरिया ने कहा कोरोना की तीसरी लहर कब आएगी और कितनी बुरी होगी यह हमारे व्यवहार पर निर्भर है। कोविड अनुरुप व्यवहार, भीड़ से बचने, वैक्सीन लगवाने से इसमें देरी होगी और तीव्रता कम होगी। मानव व्यवहार पर निर्भर है। वायरस कैसे व्यवहार करेगा हम भविष्यवाणी नहीं कर सकते

स्कूलों को खोले जाने के बारे में डॉ रणदीप गुलेरिया ने कहा, जहां पॉजिटिविटी रेट बहुत कम है उन क्षेत्रों में फिर से स्कूलों को खोला जाना चाहिए, जहां कोरोना वायरस रोग के मामले कम हैं हम वहां स्कूल खोल सकते हैं। हमें ग्रेडेड मैनर में स्कूल खोलने चाहिए मेरा मानना है कि देश में बच्चों के लिए सितंबर तक वैक्सीन उपलब्ध हो जाएगी,

डॉ रणदीप गुलेरिया ने कहा स्कूल खुलने के कारण हमारे बच्चों के लिए सिर्फ सामान्य जीवन देना नहीं बल्कि एक बच्चे के समग्र विकास में शिक्षा का महत्व बहुत मायने रखता है भारत के बच्चों की इम्युनिटी मजबूत है,

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