ऑपरेशन मेघदूत के दौरान 1984 में सियाचिन में शहीद हुए लांसनायक चन्द्रशेखर हर्बोला पार्थिव शरीर डहरिया स्थित उनके आवास पर पहुँचा

1984 को सियाचिन में ऑपरेशन मेघदूत के दौरान शहीद हुए लांसनायक चन्द्रशेखर हर्बोला का पार्थिव शरीर 38 वर्ष के पश्चात 17 अगस्त 2022 बुधवार को उनके आवास उत्तराखंड के हल्द्वानी में डहरिया पहुँचा। शहीद को श्रद्धांजिल देने के लिए यहां लोगों को सैलाब उमड़ पड़ा। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शहीद हुए लांसनायक चन्द्रशेखर हर्बोला के पार्थिव देह पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान पूरा क्षेत्र देश भक्ति नारों से गुंजायमान हो गया। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री धामी, सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी एवं महिला सशक्तिकरण मंत्री श्रीमती रेखा आर्या ने भी  श्रद्धा सुमन अर्पित किये।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि शहीद चन्द्रशेखर जी के बलिदान को हमेशा याद रखा जायेगा। उन्होंने कहा देश के लिए बलिदान देने वाले उत्तराखण्ड के सैनिकों की स्मृति में सैन्य धाम की स्थापना की जा रही है। शहीद चन्द्रशेखर की स्मृतियों को भी सैन्य धाम में संजोया जायेगा।

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि सरकार शहीद के परिवार के साथ कंधा से कंधा मिलाकर खड़ी है। सरकार द्वारा शोक संतृप्त परिवार की हर सम्भव सहायता की जाएगी। पुष्प चक्र अर्पित करने के पश्चात शहीद चन्द्रशेखर का पार्थिव शरीर चित्रशिला घाट रानीबाग के लिए रवाना हुआ, जहां शहीद को पूरे राजकीय सम्मान व आर्मी बैण्ड की धुन के साथ भावभीनी विदाई दी गई। इस अवसर पर सैकड़ों की संख्या में लोगों द्वारा नम आंखों से शहीद को श्रद्धांजलि दी गई।

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