गृह मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली के विज्ञान भवन में साइबर सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा पर राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित किया

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 20 जून 2022 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में साइबर सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा पर राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित किया। कार्यक्रम में केन्द्रीय गृह सचिव सहित गृह मंत्रालय और केन्द्रीय संस्कृति मंत्रालय के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

इस अवसर पर अपने संबोधन में केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने आज़ादी के अमृत महोत्सव से लेकर देश की आज़ादी की शताब्दी तक के 25 साल के कालखंड को अमृत काल कहा है। इस अमृत काल के दौरान हर क्षेत्र में देश को दुनिया में सर्वोच्च स्थान पर पहुंचाने के लिए कई मंत्रालयों, विभागों द्वारा कई कार्यक्रम बनाए गए हैं। इसके लिए हमारे सामने क्या चुनौतियां हैं इन पर विचार करने का भी ये समय है और ये करने के बाद 25 साल का एक कार्यक्रम हर विभाग, मंत्रालय बनाए। उन्होंने कहा कि130 करोड़ लोगों का संकल्प बल ही भारत को सर्वोच्च स्थान पर पहुंचाने का ज़रिया बन सकता हैं।

अमित शाह ने कहा कि आज के युग में साइबर सुरक्षा के बिना भारत के विकास की कल्पना करना संभव नहीं है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के इनीशिएटिव से ही आज भारत हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। अगर हम साइबर सुरक्षा को सुनिश्चित नहीं करते हैं, तो हमारी यही ताक़त हमारे लिए बहुत बड़ी चुनौती बन जाएगी। इसीलिए डिजिटल रिवॉल्यूशन के ज़माने में साइबर सुरक्षा कीचुनौतियां और उनके समाधान को ढूंढने और हर व्यक्ति तक साइबर सुरक्षा की जानकारी पहुंचाने के लिए इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है।

शाह ने कहा कि अगर विगत 200 साल का दुनिया के रिवॉल्यूशन का एनालिसिस करें तो स्टीम इंजिन से इसकी शुरूआत हुई, फिर इलेक्ट्रिकल एनर्जी से इन्फ़ॉर्मेशन टेक्नोलॉजी तक आए और अब डिजिटल क्रांति की ओर बढ़ रहे हैं। अगर भारत को इस क्षेत्र में आगे बढ़ना है तो साइबर सुरक्षित भारत का निर्माण करना होगा। उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री जी का विज़न है कि हर भारतीय को तकनीक और इंटरनेट के माध्यम से अपने आप को सशक्त करना चाहिए। डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के कारण सशक्तिकरण होने के साथ-साथ सकारात्मक परिवर्तन भी लोगों के जीवन में आया है।

इन्हें भी पढ़ें-

Chopta Tungnath  Uttarakhand

कन्यादान न किया हो तो तुलसी विवाह करके ये पुण्य अर्जित करें,

कोटेश्वर महादेव गुफा रुद्रप्रयाग,Koteshwar Mahadev Cave

Skincare advantage of tea tree oil, टी ट्री ऑयल त्वचा की देखभाल करें

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि आज साइबर सुरक्षित भारत की कल्पना में सबसे महत्वपूर्णस्तंभ है जनजागरूकता क्योंकि जागरूकता के बिना इसका उपयोग नहीं हो सकता। इसीलिए जनजागरूकता, जनहितकारी, तकनीक की चुनौतियों के समाधान ढूंढने का जनहित में प्रयास और अंततोगत्वा जनकल्याण। आज 130 करोड़ भारतीयों को सरकार से मिलने वाला फ़ायदा डीबीटी के माध्यम से सीधे उनकेबैंक ख़ातों में पहुंचता है। वर्ष 2014 से पहले हम इसकी कल्पना ही नहीं कर सकते थे क्योंकि करोड़ों लोग ऐसे थे जिनके परिवारों में बैंक खाते ही नहीं थे। आज 8 सालों में देश में एक भी परिवार ऐसा नहीं है जिसके पास बैंक खाता नहीं है और उनके पास सरकारी योजनाओं का फ़ायदा ऑनलाइन पहुंचता है।13 करोड़ किसानों के खातों में 6000 रूपए सालाना पहुंच जाते हैं। उन्होंने कहा कि ये एक बहुत बड़ी उपलब्धि तो है लेकिन साथ-साथ एक बहुत बड़ी चुनौती भी है। साइबर फ़्रॉड और कई प्रकार के साइबर अटैक से देश को सुरक्षित करना हमारे सामने एक बहुत बड़ी चुनौती है।

अमित शाह ने कहा कि साइबर सुरक्षा को देश के पिछड़े से पिछड़े इलाक़े से लेकर हर हिस्से तक पहुंचाने का हमें प्रयास करना चाहिए। इस कार्यक्रम के माध्यम से साइबर स्वच्छता, साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए उपाय, अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल को लोकप्रिय बनाना, साइबर वित्तीय अपराध रिपोर्टिंग हेल्पलाइन नंबर को लोकप्रिय बनाना जैसे अनेक क़दमों के माध्यम से लोगों में जागरूकता लाने का प्रयास किया गया है।

उन्होंने कहा कि साइबर स्पेस का दुरूपयोग कोई नई बात नहीं है। मालवेयर अटैक हो, फ़िशिंग हो, क्रिटिकल इन्फ़्रास्ट्रक्चर पर हमले हों, डेटा की चोरी हो, ऑनलाइन धोखाधड़ी हो, चाइल्ड पोर्नोग्राफ़ी जैसी कई चुनौतियां आज हमारे सामने हैं। वर्ष 2012 में 3377 साइबर क्राइम रिपोर्ट किए गए थे और 2020 में रिपोर्टिंग की संख्या 50 हज़ार तक पहुंची है,2020 में हर दिन 136 साइबर अपराध के मामले दर्ज किए, प्रति एक लाख जनसंख्या पर साइबर अपराधों की संख्या में भी चार वर्षों में 270 प्रतिशत की वृद्धि हुई, 2016 में यह 1 थी और 2020 में यह बढ़कर 3.7 हो गई। ये बताता है कि ये वृद्धि आने वाले समय में कितनी बड़ी चुनौती बनने वाली है।

Documentary film

Himalayan women lifestyle Uttarakhand India

village life Uttarakhand India part 5

निरंकार देव पूजा पौड़ी गढ़वाल उत्तराखंड, Nirankar Dev Pooja in luintha

साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल तीन साल पहले लॉंच किया गया जिस पर अब तक अलग-अलग प्रकार की 11 लाख से ज़्यादा शिक़ायतें दर्ज की जा चुकी हैं। सोशल मीडिया क्राइम की भी दो लाख से ज़्यादा शिक़ायतें दर्ज की जा चुकी हैं। ये मात्रा दिन-प्रतिदिन बढ़ने वाली है क्योंकि भारत में आज 80 करोड़ भारतीयों की ऑनलाइन मौजूदगी है , 2025 तक और 40 करोड़ भारतीय डिजिटल दुनिया में प्रवेश करेंगे, पिछले 8 वर्षों में इन्टरनेट कनेक्शन में 231% की बढ़ोतरी हुयी है।