घर-घर राशन योजना पर अरविंद केजरीवाल को केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद का जवाब

आज केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिल्ली सरकार की घर-घर राशन योजना पे कई सवाल किए?, कुछ समय पहले दिल्ली की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार की घर-घर राशन योजना को लेकर अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए थे

रविशंकर प्रसाद ने कहा दिल्ली सरकार की घर-घर राशन योजना के पीछे की मंशा घोटाले को बढ़ावा देने की है, ना कि आम जनता को सहूलियत देना है|

 

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हर घर अन्न भी एक जुमला है। दिल्ली सरकार राशन माफिया के नियंत्रण में है,होम डिलीवरी देखने में अच्छा लगता है, लेकिन थोड़ा इसके अंदर जाएं तो स्कैम के कितने गोते लगेंगे, पता नहीं।

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रविशंकर प्रसाद ने कहा राशन कार्ड लेकर दुकान पर जाते हैं, तो उसके ऑडिट की पूरी प्रक्रिया है। कितना माल है, कितना गया, उसका पूरा ऑडिट होता है।राशन का कुछ पता नहीं चलेगा अगर आप राशन उठाकर घर जाएंगे तो कहां का माल कहां जा रहा है, देश में ऐसा कहीं नहीं हो रहा है।

रविशंकर प्रसाद ने कहा श्रीमान अरविंद केजरीवाल जी जवाब दें कि दिल्ली में वन नेशन-वन राशन कार्ड लागू क्यों नहीं हुआ,क्या परेशानी और क्या दिक्कत है वन नेशन-वन राशन कार्ड योजना  भारत सरकार द्वारा बहुत महत्वपूर्ण योजना शुरू की गई है।

दिल्ली में जनवरी 2018 में e-authentication राशन कार्ड पर शुरू किया गया और 4 महीने में यानी अप्रैल 2018 में technology काम नहीं करती है का तर्क देकर उसे रोक दिया गया।

इन 4 महीनों में 4 लाख फर्जी राशन कार्ड पकड़े गए और यह काम 2018 के बाद आज तक दिल्ली में शुरू क्यों नहीं हुआ।

One Nation One Ration Card को आपने दिल्ली में लागू क्यों नहीं किया ? अगर इस पर देश में 28 करोड़ पोर्टेबल ट्रांजैक्शन हो सकते हैं तो दिल्ली में जो प्रवासी मजदूर है, गरीब है, उनके हितों की आप क्यों अनदेखी कर रहे हैं ?

देश के 34 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में वन नेशन, वन राशन कार्ड योजना चल रही है। अभी तक इस पर 28 करोड़ पोर्टेबल ट्रांजेक्शन हुए हैं।

भारत सरकार ने Data मांगा कि SC और ST को आपने क्या प्राथमिकता दी है तो दिल्ली प्रदेश ने जवाब दिया ‘Not Available’ दिल्ली सरकार के पास यह भी Data नहीं है कि कितने हमारे दलित और वनवासी समाज के बंधु है यहां पर और आप उनको राशन में कितना सहयोग कर रहे हैं?

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चावल का खर्चा 37 रुपये प्रति किलो होता है और गेहूं का 27 रुपये प्रति किलो होता है। भारत सरकार सब्सिडी देकर प्रदेशों को राशन की दुकानों के माध्यम से बांटने के लिए अनाज देती है।

भारत सरकार सालाना करीब 2 लाख करोड़ रुपये इसमें खर्च करती है।

भारत सरकार देश भर में 2 रुपये प्रति किलो गेहूं, 3 रुपये प्रति किलो चावल देती है।

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत पिछले साल की तरह इस बार भी नवंबर तक गरीबों को मुफ्त राशन दिया जा रहा है।

अरविंद केजरीवाल जी हर घर अन्न की बात कर रहे हैं। ऑक्सीजन पहुंचा नहीं सके, मोहल्ला क्लीनिक से दवा तो पहुंचा नहीं सके।
हर घर अन्न भी एक जुमला है। दिल्ली सरकार राशन माफिया के नियंत्रण में है|

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