ट्राइब्स इंडिया: त्योहारों और उपहारों की शॉपिंग के लिये कहीं जाने की जरूरत नहीं,

“ट्राइब्स इंडिया” जनजातीय कार्य मंत्रालय (Ministry of Tribal Affairs) ने जनजातीय (Tribal) लोगों को भारत के पारंपरिक हस्तकरघा उद्योग और हस्तशिल्प को बढ़ावा देने के लिए इन उत्पादों को ट्राइफेड ने शामिल किया है|

ट्राइब्स इंडिया आदिवासी क्षेत्रों में निर्मित परिधानों को देश केछोटे जगहों तक पहुचाँने की दिशा में काम कर रहा है|अब देश के विभिन्न स्थानों पर ट्राइब्स इंडिया की 137 शोरूम दुकानें खुल गयी है ट्राइब्स इंडिया नेटवर्क के माध्यम से उत्पादों की विशाल और विविध श्रृंखला को विस्तार दे रहा है।

ट्राइब्स इंडिया में शानदार दस्तकारी, धातु से बनी सजावटी चीजों और बड़े पैमाने पर जैविक हर्बल उत्पाद उपलब्ध हैं। ये सभी चीजें खुदरा दुकानों और ऑनलाइन ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से खरीदी जा सकती हैं।

रक्षाबंधन जैसे प्रेम और सुरक्षा के त्योहार पर उपहार देने के लिये आप अपने सबसे नजदीकी ट्राइब्स इंडिया के शो-रूम या वेबसाइट के जरिये इन उत्पादों को खरीद सकते हैं। इसके अलावा इन उत्पादों की बिक्री के लिए ट्राइब्स इंडिया की मोबाइल वैन भी लोगों तक अपनी पहुंच बनाएगी। साथ ही यह उत्पाद ट्राइब इंडिया के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म भी tribesindia.com और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगे।

ट्राइब इंडिया के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म tribesindia.com

ट्राइब इंडिया के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म भी tribesindia.com और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध शानदार दस्तकारी, धातु से बनी सजावटी चीजों और बड़े पैमाने पर जैविक हर्बल उत्पाद उपलब्ध हैं। ये सभी चीजें खुदरा दुकानों और ऑनलाइन ई-वाणिज्य प्लेटफार्मों से खरीदी जा सकती हैं। परिवार वालों और मित्रों के लिये तोहफे खरीदने के लिये यह ट्राइब्स इंडिया की एक ही दुकान काफी है, जहां सब-कुछ उपलब्ध है। कहीं और जाने की जरूरत ही नहीं है।

रक्षाबंधन का त्योहार आने वाला है। इसे मद्देनजर रखते हुये ट्राइब्स इंडिया कैटलॉग में एक विशेष राखी फीचर रखा गया है, जहां आकर्षक राखियां उपलब्ध हैं। ये राखियां भारत की विभिन्न जनजातियों द्वारा हस्त-निर्मित हैं। राखियों के अलावा पूजा की सामग्री भी उपलब्ध है, जैसे तराशी गई धातुओं की पूजा-पेटिकायें और तोरण। साथ में पुरुषों और महिलाओं के लिये रंग-बिरंगे कुर्ते भी उपलब्ध हैं;

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महिलाओं के लिये शलवारें हैं, बुने हुये और तरह-तरह की स्टाइल वाले जैकेट, साड़ियों की विशाल श्रृंखला, जैसे माहेश्वरी, चंदेरी, बाग, कांथा, भंडारा, टसर, सम्भलपुरी और इकाट परंपराओं वाली साड़ियां, कपड़े और सुंदर स्टोल खरीदे जा सकते हैं। ये सभी सामान ट्राइब्स इंडिया की खुदरा दुकानों और वेबसाइट पर मिल जायेंगी।

जैविक हल्दी, सूखा अमला, जंगलों से जमा किया हुआ शहद, काली मिर्च, रागी, त्रिफला, मूंग दाल, उड़द दाल, सफेद सेम और दलिया जैसे जैविक उत्पादों के साथ-साथ वर्ली शैली या पत्तचित्र शैली की चित्रकारी, डोकरा शैली के हाथ से बने आभूषण, पूर्वोत्तर के वानचो और कोन्याक जनजातियों के मनके वाले हार, रेशमी और अन्य शानदार लिबास, रंग-बिरंगे गुड्डे-गुड़िया, बच्चों के खिलौने,

पारंपरिक बुनी हुई डोंगरिया शॉल और बोडो जनजाति के बुने हुये कपड़े, धातु से बनी चीजें, बांस के उत्पाद, यानी हर तरह की वस्तुयें यहां उपलब्ध हैं, जिन्हें तोहफे के तौर पर खरीदा जा सकता है। इन वस्तुओं को आकर्षक गिफ्ट-पैक या हैम्पर में रखा जा सकता है, जिसकी व्यवस्था बजट और जरूरतों को ध्यान में रखकर की जा सकती है।

इन गिफ्ट हैम्परों को जैविक, री-साइकिल की हुई सामग्री में पैक किया जाता है। यह टिकाऊ पैकट होता है, जिसकी डिजाइन सुश्री रीना ढाका ने ट्राइब्स इंडिया के लिये तैयार किया है। इन सजावटी हैम्परों में बंधा हुआ उपहार हर अवसर पर आकर्षण का केंद्र बन जाता है।

Documentary film

Himalayan women lifestyle Uttarakhand

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