केंद्रीय ऊर्जा मंत्री ने कहा दिल्ली में बिजली संकट नही जितनी बिजली की आवश्यकता है, उतनी मिल रही है

केंद्रीय ऊर्जा मंत्री ने कहा दिल्ली में बिजली संकट नहीं है जितनी बिजली की दिल्ली को आवश्यकता है, उतनी मिल रही है, बिजली आपूर्ति बाधित होने का कोई खतरा नहीं है उधर दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा पूरे देश में कोयले की कमी है लेकिन केंद्र सरकार कह रही है कि कोयले की कोई कमी नहीं है।

केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आर.के.सिंह बिजली संकट को लेकर आज प्रेस कांफ्रेंस किया और कहा  हमने आज सभी पदाधिकारियों की बैठक बुलाई थी। दिल्ली में जितनी बिजली की आवश्यकता है, उतनी बिजली की आपूर्ति हो रही है और होती रहेगी,बैठक में गेल के भी सीएमडी आए हुए थे हमने उन्हें कहा है कि कांट्रैक्ट बंद हो या नहीं, गैस के स्टेशन को जितनी गैस की जरूरत है उतनी गैस आप देंगे,बिजली आपूर्ति बाधित होने का बिल्कुल भी खतरा नहीं है। हमारे पास आज के दिन में कोयले का चार दिन से ज़्यादा का औसतन स्टॉक है, हमारे पास प्रतिदिन स्टॉक आता है। कल जितनी खपत हुई, उतना कोयले का स्टॉक आया,पहले की ​तरह कोयले का 17 दिन का स्टॉक नहीं है लेकिन 4 दिन का स्टॉक है।

कोयले की कमी से होने वाली बिजली संकट के बारे में केंद्रीय कोयला मंत्री प्रह्लाद जोशी बताया बिजली आपूर्ति बाधित होने का बिल्कुल भी खतरा नहीं है। कोल इंडिया लिमिटेड के पास 24 दिनों की कोयले की मांग के बराबर 43 मिलियन टन का पर्याप्त कोयले का स्टॉक है

कोयले की ये स्थिति इसलिए है क्योंकि हमारी मांग बढ़ी है और हमने आयात कम किया है। हमें कोयले की अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ानी है हम इसके लिए कार्रवाई कर रहे हैं| बिना आधार के ये पैनिक इसलिए हुआ क्योंकि गेल ने दिल्ली के डिस्कॉम को एक मैसेज भेज दिया कि वो बवाना के गैस स्टेशन को गैस देने की कार्रवाई एक या दो दिन बाद बंद करेगा। वो मैसेज इसलिए भेजा क्योंकि उसका कांट्रैक्ट समाप्त हो रहा है|

उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया

उधर दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा पूरे देश में कोयले की कमी है लेकिन केंद्र सरकार कह रही है कि कोयले की कोई कमी नहीं है। बिजली घरों से हमें कोयले की कमी की सूचना मिल रही है। अगर केंद्र सरकार ने कोयला संकट को हल नहीं किया तो देश के सामने बहुत बड़ा संकट पैदा हो जाएगा

Leave a Reply