पीयूष गोयल ने भारतीय समुदाय का आह्वान किया कि वह 1.3 अरब लोगों वाले देश भारत के आकांक्षी बाजार द्वारा प्रस्तुत अपार व्यापार अवसरों की जानकारी विश्व को दे

वाणिज्य और उद्योग, उपभोक्ता कार्य, खाद्य और सार्वजनिक वितरण तथा कपड़ा मंत्री पीयूष गोयल ने आज 8 सितंबर 2022 को कहा कि अमेरिका में भारतीय समुदाय अपने कामकाज में बहुत प्रोफेशनल और नवोन्मेषी है तथा उन्होंने भारतीय संस्कृति और मूल्य प्रणाली से लगातार गहरा संपर्क कायम रखा है; इस तरह उन लोगों ने भारत की आत्मा को जाग्रत रखा है। वे आज सैन फ्रांसिसको में ‘भारतीय समुदाय’ के साथ दोपहर के भोज के दौरान बोल रहे थे।

गोयल ने कहा कि भारतीय समुदाय भारत और विदेश के बीच संपर्क बनाये रखने के लिये अनोखी स्थिति में है। उन्होंने भारतीय समुदाय का आह्वान किया कि वह 1.3 अरब लोगों के देश भारत के आकांक्षी बाजार द्वारा प्रस्तुत अपार व्यापार अवसरों की जानकारी दे विश्व को दे।

गोयल ने भारत में मौजूद जीवंत स्टार्ट-अप इकोसिस्टम को रेखांकित करते हुये याद किया कि जब भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 2016 में ‘स्टार्ट-अप इंडिया’ का शुभारंभ किया था, तो वह वह कदम नवाचार के बढ़ते महत्त्व, युवा प्रतिभाओं का नये विचारों, नये प्रयोगों के साथ सामने आने और नये समाधान पेश करने को पहचान देना था।

गोयल ने बताया कि भारत में स्टार्ट-अप के बहुत से विचार विकसित हो रहे हैं और वहां एक सहज व विशाल घरेलू बाजार मौजूद है। यह घरेलू बाजार शेष विश्व के साथ उतना संलग्न न हुआ है, जितना कि होना चाहिये था। श्री गोयल ने कहा कि यह जरूरी है कि हमारे भारतीय स्टार्ट-अप विचारों को ज्यादा अवसर मिलें और वे विश्व बाजार तक पहुंच बना सकें। उन्होंने कहा कि वैश्विक बनने के लिये सिलीकॉन वैली से बेहतर जगह और कोई नहीं है। श्री गोयल ने कहा कि विश्व में कोई भी देश बिना शेष विश्व के साथ जुड़े विकसित नहीं हुआ है, इसलिये हमारे लिये जरूरी है कि हम विश्व के साथ जुड़ने का कोई अवसर न खोयें।

इन्हें भी पढ़ें

 moongphali khane ke fayde | Amazing benefits of peanuts

लौंग के फायदे in Hindi | 14 Benefits Of Cloves

झटपट 5 मिनट में दही चटनी रेसिपी

नारियल की पूजा क्यों की जाती

आपके किचन में पाचन के लिए ये हैं ये 3 सुपरफूड, डाइट में जरूर करें शामिल रहें हेल्दी

गोयल ने कहा कि सरकार भारतीय स्टार्ट-अप और अमेरिका के निवेशकों के बीच सेतु की भूमिका निभा रही है। उन्होंने आग्रह किया दोनों एक-दूसरे के साथ संवाद को नये स्तर तक ले जायें। श्री गोयल ने कहा कि वे निवेशकों के कुछ नये विचार अपने साथ ले जा रहे हैं, जो भारत में नये नवाचारों के लिये पूंजीगत प्रोत्साहन में तेजी लायेंगे।

सरकार के कामकाज मे होने वाले बदलाव का उल्लेख करते हुये श्री गोयल ने कहा कि भारत लाल फीताशाही से दूर होता जा रहा है, जो अतीत में मौजूद था। उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी और पारदर्शिता ने बड़े पैमान पर पुराने तरीके को समाप्त कर दिया है। भारत सरकार सहज व्यापार माहौल बनाने का कोई अवसर नहीं छोड़ रही है। सरकार के काम करने का तरीका मैदानी स्तर पर लोगों के साथ सक्रियता से जुड़ने पर आधारित है। सरकार नीतिगत निश्चितता को कायम करने तथा नियमों-प्रक्रियाओं को दुरुस्त बनाने पर जोर दे रही है, जो विकसित देशों की स्थिति से मेल खाते हैं।

इन्हें भी पढ़ें

Shradh 2022- 10 सितंबर से शुरू, जानें श्राद्ध की सभी तिथियां

पितर कौन होते हैं और तर्पण किन को दिया जाता, जाने

अगर देहांत की तारीख नहीं है मालूम,तो अपनाएं श्राद्ध के लिए ये तिथि

पूरे भारत में, खासतौर से दूर-दराज और दुर्गम इलाकों में बेहतर अवसंरचना उपलब्ध कराने के बारे में श्री गोयल ने उल्लेख किया कि हाल मे मंत्रिमंडल ने तय किया है कि शेष 25,000 दूरस्थ गांवों तक नेटवर्क कनेक्टीविटी पहुंचाई जाये। निर्यात के बारे में श्री गोयल ने कहा कि भारत ने पिछले वित्तवर्ष में अब तक का सर्वाधिक 675 अरब यूएसडी माल एवं सेवा निर्यात अर्जित किया। उन्होंने आशा व्यक्त कि इस वर्ष यह 750 अरब यूएसडी के पार हो जायेगा।

गोयल ने कहा कि 2047 तक अमृत काल रहेगा, जब हम भारत का 100वां स्वतंत्रता दिवस मनायेंगे। यह कालखंड विकसित देश बनने की तरफ भारत की यात्रा का निर्णायक कालखंड होगा। तब भारत में रहने वाला हर व्यक्ति समृद्ध हो जायेगा। उन्होंने कहा कि भारतीय समुदाय इस यात्रा में अहम भूमिका निभाते हैं, क्योंकि वे प्रतिभा, नये विचारों और नवाचारों को पहचानते हैं, उनका मार्गदर्शन, समर्थन और वित्तपोषण करते हैं। श्री गोयल ने कहा कि वे भारत और अमेरिका के बीच सेतु स्थातपित करने के लगातार प्रयास के समर्थक हैं, जिसके तहत व्यापार और लोगों के बीच मेल-मिलाप बढ़ेगा।

Documentary film

पहाड़ी रीति रिवाज Documentary Film on Traditional Culture, गांव में दादाजी की बरसी, PART-1

उत्तराखंड में दिवाली कैसे मनाते हैं | Uttarakhand village Documentary PART-1