पेंडोरा पेपर्स लीक 117 देशों के 330 राजनेताओं की पोल खुली, शामिल भारतीयों को बख्‍शने के मूड में नहीं सरकार

पेंडोरा पेपर्स लीक में 117 देशों के 330 राजनेताओं की पोल खुल गयी नेताओं ने शेल कंपनियां बनाने, फर्म व ट्रस्ट खड़े करने और सम्पतियों में निवेश करने के लिए लाखों करोड़ रुपये के लेन-देन छिपाए। पेंडोरा पेपर्स लीक मामले में शामिल भारतीयों को बख्‍शने के मूड में नहीं है  सरकार, इंटरनेशनल कंसोर्टियम ऑफ इंटरनेशनल जर्नलिस्ट्स (आईसीआईजे) ने 3 अक्टूबर, 2021 को अपने पास 200 से अधिक देशों और इलाकों के धनी अभिजात वर्ग के लोगों के विदेशों में छुपे रहस्यों को उजागर करने वाले 2.94 टेराबाइट डेटा के आंकड़ों के होने का दावा किया है। यह खोजबीन कम या बिना कर वाले क्षेत्राधिकार में नकली (शेल) कंपनियों, ट्रस्टों, फाउंडेशनों और अन्य संस्थाओं को सूचीबद्ध कराने की चाहत रखने वाले धनी व्यक्तियों और निगमों को पेशेवर सेवाएं प्रदान करने वाले 14 अपतटीय सेवा प्रदाताओं के गोपनीय रिकॉर्ड के लीक होने पर आधारित है।

इन्हें भी पढ़ें-

पितर कौन होते हैं और तर्पण किन को दिया जाता, जाने

चम्बा उत्तराखंड का खुबसूरत पर्यटक स्थल में से एक है

अपने घर के मंदिर में पूजा और ध्यान रखने वाली जरूरी बातें

शिवलिंग की महत्ता उनकी रचना और रूपों का निर्माण

Natural Protein Facial Peck for Dry Skin | नेचुरल फेस पेक

दिल को रखें फिट रखने के लिए अपने खाने की डाइट में इन्हें शामिल करें

सरकार ने इन घटनाक्रमों पर संज्ञान लिया है। संबंधित जांच एजेंसियां ​​इन मामलों की जांच करेंगी और ऐसे मामलों में कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी। इन मामलों में कारगर जांच सुनिश्चित करने की दृष्टि से, सरकार प्रासंगिक करदाताओं/संस्थाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त करने के लिए विदेशी क्षेत्राधिकारों से पूरी तत्परता के साथ संपर्क भी करेगी। भारत सरकार एक ऐसे अंतर-सरकारी समूह का हिस्सा भी है, जो इस तरह के रहस्योदघाटन से जुड़े कर- संबंधी जोखिमों से कारगर तरीके से निपटने के लिए सहयोग और अनुभव साझा करना सुनिश्चित करता है।

इस बात पर गौर किया जा सकता है कि आईसीआईजे, एचएसबीसी, पनामा पेपर्स और पैराडाइज पेपर्स के रूप में पहले इसी तरह के रहस्योदघाटन के बाद, सरकार ने उपयुक्त कर और जुर्माना लगाकर काले धन अघोषित विदेशी परिसंपत्तियों एवं आय पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से पहले से ही काला धन (अज्ञात विदेशी आय तथा परिसंपत्ति) एवं कर अधिनियम, 2015 को लागू कर रखा है। पनामा और पैराडाइज पेपर्स में की गई खोजबीन में लगभग 20,352 करोड़ रुपये की अघोषित जमाराशि(15.09.2021 तक की स्थिति के अनुसार) का पता चला है।

इन्हें भी पढ़ें-

श्राद्ध पक्ष 2021: महत्व नियम जानें, किस दिन कौन सा श्राद्ध है

Deepawali 2021-दिवाली में लक्ष्मी पूजा शुभ मुहूर्त जानें

Gujiya Recipe sweet dish of Indian festivals | गुजिया रेसिपी

झटपट 5 मिनट में दही चटनी रेसिपी | tasty curd chutney recipe

दीपावली पूजन में 10 बातों का रखें ध्यान घर में होगी महालक्ष्मी की कृपा

कुंडली में सूर्य का प्रभाव बारह भावों में जानें

मीडिया में अब तक केवल कुछ भारतीयों (कानूनी संस्थाओं के साथ-साथ व्यक्तियों) के नाम सामने आए हैं। यहां तक ​​कि आईसीआईजे की वेबसाइट (www.icij.org) ने भी अभी तक सभी संस्थाओं के नाम और अन्य विवरण जारी नहीं किए हैं। आईसीआईजे की वेबसाइट का कहना है कि ये जानकारियां चरणबद्ध तरीके से जारी की जायेंगी और पेंडोरा पेपर्स की खोजबीन से जुड़े वर्गीकृत आंकड़े आने वाले दिनों में सिर्फ इसके ऑफशोर लीक्स डेटाबेस पर जारी किए जाएंगे।

Documentary film 

Nirankar Dev Pooja in luintha pauri garhwal Uttarakhand

village life Uttarakhand India part 5

Documentary on how people of Uttarakhand live in village

इसके अलावा, सरकार ने आज निर्देश दिया है कि ‘पेंडोरा पेपर्स’ के नाम से मीडिया में आने वाले पेंडोरा पेपर्स रहस्योद्घाटन से जुड़े मामलों की जांच की निगरानी सीबीडीटी के अध्यक्ष के नेतृत्व में विविध एजेंसियों वाले एक समूह के जरिए की जाएगी। इस समूह में सीबीडीटी, ईडी,भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) और फाइनेंसियल इंटेलिजेंस यूनिट (एफआईयू) के प्रतिनिधि शामिल होंगे।

 

Leave a Reply