प्रो कबड्डी लीग टीम स्काउट्स ने खेलो इंडिया यूथ गेम्स में धूम मचाई

खेलो इंडिया यूथ गेम्स में स्वर्ण जीतने और गौरव प्राप्त करने के लिए जोर लगा रहे 4,500 से अधिक एथलीट पंचकुला में मौजूद हैं। हालांकि, कबड्डी खिलाड़ियों के लिए अभी बहुत कुछ दांव पर लगा है।उनमें से कई खिलाड़ी तो कुछ संभावित आकर्षक मौकों पर कमाल का प्रदर्शन करने की उम्मीद कर रहे हैं जो उन्हें रातोंरात करोड़पति बना सकते हैं।प्रो कबड्डी लीग की छह टीमों ने अपने टैलेंट स्काउट्स को यहां भेजा है, जो बिना पॉलिश किए हुए खेल रत्नों को खोज निकालने की उम्मीद कर रहे हैं जो अंततः लीग में अपनी किस्मत बदल सकते हैं।

पटना पाइरेट्स के डिप्टी कोच एमवी सुंदरम जो अपने टीम मैनेजर और एक स्काउट के साथ यहां उपस्थित हैं, उन्होंने कहा कि “हम में से कुछ लोग खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स के लिए भी गए थे। लेकिन ये खेल अंडर-18 खिलाड़ियों के लिए हैं, जिसका मतलब है कि हम नीलामी के बिना उन्हें साइन अप कर सकते हैं।

इन्हें भी पढ़ें-

Beautiful Place Badani Tal Uttarakhand | बधाणीताल

अपने घर के मंदिर में पूजा और ध्यान रखने वाली जरूरी बातें

Winter Gaddiasthan of Makku Math Baba Tungnath ji

फेसियल करने का सही तरीका-The right way to do facial

चूंकि सीनियर नेशनल में भाग लेने वाले सभी खिलाड़ी सीधे नीलामी पूल में जाते हैं, इसलिए टीमों को सात नए युवा खिलाड़ियों के स्थान भरने का कठिन काम छोड़ दिया जाता है। उनमें से ज्यादातर इन युवाओं को दो साल की अवधि के लिए साइन करना और उन्हें चैंपियन बनाना पसंद करते हैं।

पता चला है कि कई खिलाड़ी पहले से ही नजर में हैं और जल्द ही उन्हें ट्रायल के लिए आमंत्रित किया जाएगा। केआईवाईजी खिलाड़ी आमतौर पर मुख्य टीम के साथ प्रशिक्षण के लिए लीन होते हैं ताकि वे अच्छे से सीख सकें।तमिल थलाइवाज के मुख्य कोच उदय कुमार ने खुलासा करते हुए कहा कि हमने लगभग सभी मैच देखे हैं। शानदार कौशल और काया के साथ खिलाड़ी काफी अच्छे हैं।

खिलाड़ियों को आगामी पीकेएल सीजन में भले ही ब्रेक न मिले लेकिन वे अभी से ही काफी उत्साहित हैं। उनमें से प्रत्येक कुछ लाख रुपये से अधिक कमा सकते हैं, जो उनके जीवन को हमेशा के लिए बदलने के लिए पर्याप्त है, क्योंकि उनमें से कई कठिन वित्तीय पृष्ठभूमि से हैं।

इन्हें भी पढ़ें-

देशी गाय के घी के फायदे

सिंपल वेज बिरयानी रेसिपी-Easy Veg Biryani Recipe

कच्चे केले के छिल्के की चटनी

दीपावली पूजन में 10 बातों का रखें ध्यान घर में होगी महालक्ष्मी की कृपा

यू-मुंबा और आर्मी ग्रीन के कोच अनिल कैपराना ने जो भी देखा उससे वे प्रभावित हुए और उन्होंने स्वीकार किया कि इस कम उम्र में खिलाड़ियों को चुनना दोनों के लिए एक जीत की स्थिति है।हम यहां जूनियर लड़कों को खेलते देखेंगे। वास्तव में कुछ अच्छी प्रतिभाएं यहां मौजूद हैं।

उन्होंने कहा कि यू-मुंबा या आर्मी ग्रीन की टीम के लिए चुने गए खिलाड़ियों को वित्तीय स्थिरता मिलेगी और अपने करियर के विकास पर ध्यान केंद्रित करने का अवसर भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे वे और अधिक खेलेंगे तो उनमें सुधार होगा और वे अच्छा पैसा भी कमा सकते हैं।

Documentary film

Nirankar Dev Pooja in luintha pauri garhwal Uttarakhand