बिना हॉलमार्क का सोना,14, 18 और 22 कैरेट वाला नहीं बेच पाएंगे ज्वैलर्स

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केंद्रीय वाणिज्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री पीयूष गोयल ने कहा उपभोक्ताओं की सुविधा तथा हित को ध्यान में रखते हुए सोने के आभूषणों के लिए हॉल्मार्क अनिवार्य कर दिया गया है जिससे सोने के व्यापार में पारदर्शिता आने के साथ ही अशुद्ध सोने की बिक्री पर लगाम सम्भव हो सकेगा।

पीयूष गोयल ने कहा सोने के आभूषणों का अनिवार्य हॉलमार्क प्रमाणीकरण ग्राहकों और कारोबार दोनों के लिए अच्छा

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हितधारकों के साथ व्यापक विचार-विमर्श के आधार पर निम्नलिखित निर्णय लिये गये-

1-प्रारंभ में हॉलमार्किंग देश के 256 जिलों से शुरू की जायेगी, जहां जांच करने वाले मार्किंग सेंटर हैं।

2-40 लाख रुपये तक के सालाना टर्नओवर वाले ज्वैलर्स को अनिवार्य हॉल मार्किंग से छूट दी जायेगी।

3-भारत सरकार की व्यापार नीति के अनुसार आभूषणों का निर्यात और पुन: आयात- अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनियों के लिए आभूषणों, सरकार द्वारा

4-अनुमोदित बी2बी घरेलू प्रदर्शनियों के लिए आभूषणों को अनिवार्य हॉलमार्किंग से छूट दी जायेगी।

5-अतिरिक्त 20, 23 और 24 कैरेट के सोने के लिये हॉल मार्किंग की भी अनुमति होगी।

6-घड़ियाँ, फाउंटेन पेन और विशेष प्रकार के आभूषण जैसे कुंदन, पोल्की और जड़ाऊ को हॉलमार्किंग से छूट दी जायेगी।

7-ज्वैलर्स उपभोक्ता से बिना हॉलमार्क वाले पुराने सोने के आभूषण वापस खरीदना जारी रख सकते हैं।

8-गोल्ड ज्वैलरी के विनिर्माताओं, थोक विक्रेताओं और खुदरा विक्रेताओं को पर्याप्त समय देने के लिए अगस्त अंत तक कोई जुर्माना नहीं लगेगा।
यदि ज्वैलर द्वारा संभव हो तो पुराने आभूषणों को जैसे हैं उसी रूप में, या फिर पिघलाने के बाद नई ज्वैलरी बनाकर हॉलमार्क किया जा सकता है।

योजना के क्रियान्वयन के दौरान सामने आने वाले संभावित मुद्दों पर गौर करने के लिए सभी हितधारकों, राजस्व अधिकारियों और कानूनी विशेषज्ञों के प्रतिनिधियों की एक समिति गठित की जायेगी।

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श्री पीयूष गोयल ने कहा कि रचनात्मक सुझावों का हमेशा स्वागत है और क्रियान्वयन प्रभावी होना चाहिये। यह जानकारी में रखा जा सकता है कि, हॉलमार्किंग पहले 15जून 2021से शुरू होने वाली थी।

भारतीय मानक ब्यूरो की हॉलमार्किंग योजना के तहत, ज्वैलर्स हॉलमार्क वाले आभूषण बेचने और जांच और हॉलमार्किंग केंद्रों की पहचान के लिये पंजीकृत हैं। बीआईएस (हॉलमार्किंग) अधिनियम, 14.06.2018 को लागू हुआ था।

हॉलमार्किंग उपभोक्ताओं/आभूषण खरीदारों को सही विकल्प चुनने में सक्षम बनायेगी और उन्हें सोना खरीदते समय किसी भी अनावश्यक भ्रम से बचाने में मदद करेगी। वर्तमान में, केवल 30% भारतीय स्वर्ण आभूषण हॉलमार्क हैं।

आभूषणों/कलाकृतियों की हॉलमार्किंग सोने की बतायी गयी शुद्धता/उत्कृष्टता पर तीसरे पक्ष के आश्वासन के जरिये सोने के आभूषणों की विश्वसनीयता और ग्राहकों की संतुष्टि को बढ़ाने के लिये आवश्यक है। यह कदम भारत को विश्व में एक प्रमुख स्वर्ण बाजार केंद्र के रूप में भी विकसित करने में भी मदद करेगा।

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यह ध्यान में रखा जाये कि पिछले पांच वर्षों में एएंडएच केंद्रों में 25 प्रतिशत की बढ़त हुई है। पिछले पांच वर्षों में एएंडएच केंद्रों की संख्या 454 से बढ़कर 945 हो गई है। वर्तमान में 940 परख करने वाले एवं हॉलमार्किंग केंद्र संचालित हैं। इसमें से 84 एएचसी सरकार के द्वारा दी गयी सब्सिडी योजना के तहत विभिन्न जिलों में स्थापित किये गये हैं।

वर्तमान में ए एंड एच सेंटर एक दिन में 1500 आभूषणों को हॉलमार्क कर सकते हैं, ए एंड एच सेंटर की प्रति वर्ष अनुमानित हॉलमार्किंग क्षमता 14 करोड़ वस्तुएं (500 वस्तु प्रति शिफ्ट और 300 कार्य दिवस मानते हुए) है।

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के मुताबिक, भारत में करीब 4 लाख ज्वैलर्स हैं, इनमें से सिर्फ 35879 ही बीआईएस प्रमाणित हैं।

 

केंद्रीय वाणिज्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने बतया ग्राहकों की बेहतर सुरक्षा और संतुष्टि के लिए हमारी सरकार के प्रयास को जारी रखते हुए, 256 जिलों में अनिवार्य हॉलमार्किंग 16 जून 2021 से लागू की जाएगी।

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केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने ज्वैलरी व्यापारियों को हॉलमार्किंग के लिए समय देते हुए गोयल ने कहा कि पुराने स्टॉक पर 1 सितम्बर 2021 तक हॉलमार्क लगाने को लेकर किसी भी व्यापारी पर कोई पेनल्टी नहीं लगेगी न ही माल भी जब्त नहीं होगा।

एक बार रजिस्ट्रेशन सभी ज्वैलरी व्यापारियों को कराना होगा, उन्हें बार बार रिन्न्यू नहीं कराना होगा,

हॉलमार्क के दायरे से बाहर कुंदन, पोल्की, की ज्वेलरी और ज्वैलरी वाली घड़ियों को बाहररखा गया है।

 

बिना हॉलमार्क का सोना ज्वैलर्स अब नहीं बेच पाएंगे 15 जून 2021 से अब देश में गोल्ड हॉलमार्किंग 256 जिलों में अनिवार्य हो गई है। अब आप आप किसी भी दुकान से 14,18 और 22 कैरेट वाला सोना खरीदने जाएंगे तो सोने पर लिखा होगा कि यह कितने कैरेट का है

अब हॉलमार्किंग को अनिवार्य किया गया है, अब बाज़ार में केवल हॉलमार्क का ही सोना मिलेगा।ज्वैलर्स बिना हॉलमार्क के सोना नहीं बेच पाएंगे।

हॉलमार्किंग सोने की शुद्धता का एक सर्टिफिकेट है। बीआईएस के अनुसार, जिससे उपभोक्ता सोने के गहने खरीदते समय धोखा न खाएं और और उन्हें आभूषणों पर अंकित शुद्धता के अनुसार ही सोने के आभूषणों ही मिले,

विश्व स्वर्ण परिषद (World Gold Council) के मुताबिक भारत में करीब चार लाख ज्वैलर्स हैं, जिनमें से 35,879 बीआईएस सर्टिफाइड हैं।
है। अभी तक हॉलमार्किंग सिर्फ 40 फीसदी ज्वैलरी की ही हुई है।

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विश्व स्वर्ण परिषद (World Gold Council) के अनुसार भारत में करीब 4 लाख ज्वैलर्स हैं, जिनमें से 35,879 बीआईएस सर्टिफाइड हैं।
ज्वैलर्स की सुविधा के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को ऑनलाइन और ऑटोमैटिक कर दिया गया है।

सोने की पहचान कैसे होगी

हर कैरेट के सोने के लिए हॉलमार्क नंबर अंकित किए जाते हैं। ज्वैलर्स की ओर से 22 कैरेट के लिए 916 नंबर का इस्तेमाल किया जाता है। 18 कैरेट के लिए 750 नंबर का इस्तेमाल करते हैं और 14 कैरेट के लिए 585 नंबर का उपयोग किया जाता है। इन अंकों के जरिए आपको पता चल जाएगा कि सोना कितने कैरेट का है।

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सरकार द्वारा हॉलमार्किंग के लिए गुणवत्ता नियंत्रण आदेश इसी साल 15 जनवरी को जारी किया गया था,बिना हॉलमार्क वाले पुराने आभूषणों के स्टॉक को हटाने के लिए अंतिम तिथि 1 जून 2021 तक बढ़ा दी गई थी। लेकिन करोना महामारी के चलते 15 दिन बढ़ा दिया था,जो 15 जून 2021 को खत्म हो गयी, अब इसे बढ़ा कर 1 सितम्बर 2021 कर दिया गया है सरकार के प्रयास को जारी रखते हुए, 256 जिलों में अनिवार्य हॉलमार्किंग 16 जून 2021 से लागू की गई है

नियम का उल्लंघन करने पर कार्रवाई

फिल हाल 1 सितम्बर 2021 तक हॉलमार्क लगाने को लेकर किसी भी व्यापारी पर कोई पेनल्टी नहीं लगेगी न ही माल भी जब्त नहीं होगा।

1 सितम्बर 2021के बाद यदि कोई ज्वैलर बिना हॉलमार्किंग के सोने की ज्वैलरी बेचता पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिसमें ज्वैलर को एक साल की जेल के अलावा उस पर गोल्ड ज्वैलरी की वैल्यू की पांच गुना तक पेनल्टी भी लगाई जा सकती है।

 

क्या होगा घर में रखे सोने का

जिन लोगों के घर में सोना की ज्वैलरी पड़ा हुआ है तो वह लोग अपना अपना किस प्रकार से बेचेंगे,गोल्ड हॉलमार्किंग के नियम के लागू होने का घर में रखे सोने की ज्वैलरी पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।पुरानी ज्वैलरी बिक्री करने पर भी कोई असर नहीं होगा,पहले की ही तरह उसे ज्वैलर्स के यहां बेच सकते हैं ये यह नियम ज्वैलर्स के लिए है|

 

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