राजमार्ग मंत्रालय ने इलैक्‍ट्रोनिक निगरानी और सड़क सुरक्षा नियमों की अधिसूचना की जारी

परिवहन मंत्रालय की नई अधिसूचना के मुताबिक सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने इलेक्ट्रॉनिक निगरानी और सड़क सुरक्षा के प्रवर्तन के लिए संशोधित मोटर वाहन अधिनियम 1989 के तहत एक अधिसूचना जारी की है, जिसमें चालान जारी करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग किया जाएगा। यायायात नियमों के उल्लंघन करने पर पंद्रह दिनों के भीतर यातयात नियम का उल्लंघन करने वाले को नोटिस भेजना होगा और चालान के निपटान तक इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड संग्रहीत किया जाना चाहिए।

सड़क सुरक्षा की इलेक्ट्रॉनिक निगरानी और यातायात कानून-पालन के लिये सड़क यातायात और राजमार्ग मंत्रालय ने एक अधिसूचना जीएसआर 575(ई), 11 अगस्त, 2021-नियम 167ए जारी कर दी है। नियमों के तहत यातायात कानूनों का पालन कराने के लिये इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का विस्तार से प्रावधान किया गया है। प्रावधानों में गति पकड़ने वाला कैमरा, सीसीटीवी कैमरा, स्पीड गन, शरीर पर धारण करने वाला कैमरा, मोटर के डैशबोर्ड पर लगाने वाला कैमरा, ऑटोमैटिक नंबर प्लेट की पहचान सम्बंधी उपकरण (एएनपीआर), वजन बताने वाली मशीन और अन्य प्रौद्योगिकियां शामिल की गई हैं।

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राज्य सरकारें यह सुनिश्चित करेंगी कि यातायात कानूनों का पालन कराने वाले सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को राष्ट्रीय राजमार्गों और राज्य राजमार्गों के अति जोखिम तथा अति व्यस्त रास्तों पर लगाया जाये। इसके अलावा कम से कम उन सभी प्रमुख शहर के महत्त्वपूर्ण चौराहों-गोल चक्करों पर इन इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को लगाया जायेगा , फ़िलहाल ये उपकरण 132 शहरों में लगाये जायेंगे जिन शहरों की आबादी दस लाख से अधिकहोगी,

इन इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को राष्ट्रीय राजमार्गों और राज्य राजमार्गों में इस तरीके से लगाया जायेगा, जिसके कारण न तो कोई बाधा पैदा होगी, न देखने में दिक्कत होगी और न यातायात में कोई व्यवधान पड़ेगा। निम्नलिखित नियम-उल्लंघन के लिये इन इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल किया जा सकता है, जिनकी फुटेज में स्थान, तिथि और समय दर्ज हो। इनका उपयोग चालान जारी करने में किया जायेगाः-

1- निर्धारित गति-सीमा के दायरे में वाहन नहीं चलाना (धारा 112 और 183);

2-अनधिकृत स्थान पर वाहन रोकना या पार्क करना (धारा 122) ;

3- वाहन चालक और पीछे बैठी सवारी के लिये सुरक्षा का ध्यान न रखना (धारा 128) ;

4-हेलमेट न पहनना (धारा 129);

5-लाल-बत्ती पार करना, रुकने के संकेत का पालन न करना, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल करना, कानून का पालन न करते हुये अन्य वाहनों से आगे निकलना या उन्हें ओवरटेक करना, यातायात की विपरीत दिशा में वाहन चलाना, वाहन को इस तरह चलाना, जिसकी अपेक्षा एक सावधान और होशियार चालक से नहीं की जा सकती और उस होशियार चालक को यह भान हो कि ऐसा करना खतरनाक हो सकता है (धारा 184);

6-निर्धारित वजन से अधिक भार लेकर गाड़ी चलाना (धारा 194 की उपधारा-1);

7-बिना सेफ्टी-बेल्ट के गाड़ी चलाना (धारा 194बी);

8-मोटर वाहन (चालक) नियम, 2017 (धारा 177ए) के नियम 6 (अपनी लेन में गाड़ी चलाना) की अवहेलना;

9-माल ढोने वाले वाहनों में सवारी बैठाना (धारा 66);

10-मोटर वाहन (चालक) नियम, 2017 (धारा 117ए) के नियम 36 (गाड़ी की नंबर प्लेट के विषय में) की अवहेलना; ऐसे वाहन को चलाना, जिसमें माल इस तरह भरा गया हो कि वह दोनों तरफ या आगे या पीछे या ऊपर की तरफ निकला हो तथा जो निर्धारित सीमा से अधिक हो (धारा 194 की उपधारा-1ए);

12-आपातकालीन वाहनों को निकलने का रास्ता देने में कोताही करना (धारा 194ई)।

नियम 167 के तहत जारी होने वाले सभी चालान इलेक्ट्रॉनिक स्वरूप में होंगे और यातायात नियमों का उल्लंघन होते ही वे इलेक्ट्रॉनिक निगरानी तथा कानून-पालन प्रणाली के जरिये अपने-आप तैयार हो जायेंगे। उनमें निम्नलिखित सूचना दर्ज रहेगीः

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i-यातायात नियम का उल्लंघन करने का ब्योरा और वाहन की नंबर प्लेट की फोटो सबूत के तौर पर दर्ज होगी।

ii-कानून लागू कराने वाले इलेक्ट्रॉनिक उपकरण से पैमाइश।

iii-नियम-उल्लंघन की तिथि, समय और स्थान।

iv-अधिनियम के जिस प्रावधान का उल्लंघन किया गया है, नोटिस में उसका हवाला।

v-भारतीय साक्ष्य अधिनियम 1872 (1872 का 1) की धारा 65बी की उपधारा (4) के अनुपालन में लिखित साक्ष्य, जिसमें-

a-इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की पहचान दर्ज होगी उसे तथा प्रस्तुत करने के तरीके का विवरण होगा,

b-उस इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड में उल्लंघन पकड़ने वाले उपकरण का विवरण होगा, जिससे पता चलेगा कि वह इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड कंप्यूटर से स्वमेव तैयार हुआ है।

c-राज्य सरकार की तरफ से अधिकृत अधिकारी का हस्ताक्षर रहेगा।