‘वे किसान नहीं मवाली हैं’ केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी के इस बयान से गरमाई सियासत

बीजेपी मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी ने कृषि क़ानूनों के विरोध में प्रदर्शन कर रहे किसानों के बारे में पूछे गये एक सवाल के जवाब में कहा पहली बात तो आप उनको किसान कहना बंद कीजिए वे किसान नहीं मवाली हैं। कुछ षडयंत्रकारी के हत्थे चढ़े कुछ लोग हैं, जो लगातार किसानों के नाम पर ये हरकतें कर रहे हैं. जो कुछ 26 जनवरी को हुआ वो भी शर्मनाक था, आपराधिक गतिविधियां थी, उसमें विपक्ष द्वारा ऐसी चीजों को बढ़ावा दिया गया
किसान के पास समय नहीं है कि वे जंतर-मंतर पर आकर प्रदर्शन करें. वे अपने खेत में काम कर रहे हैं. ये आढ़तियों के द्वारा चढ़ाए गए लोग हैं जो चाहते ही नहीं हैं कि किसानों को फायदा मिले

मीनाक्षी लेखी के इस बयान पर किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा किसान के बारे में ऐसी बात नहीं कहनी चाहिए। किसान देश का अन्नदाता है

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जब तक संसद चलेगी हम यहां कृषि क़ानूनों के खिलाफ प्रदर्शन करने आते रहेंगे। शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करने का ये भी एक तरीका है। सरकार चाहेगी तो बातचीत शुरू हो जाएगी

केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी ‘वे किसान नहीं मवाली हैं’ के बयान पर सियासत गरमा गई। इसको लेकर कांग्रेस ने उनके बयान पर तीखा विरोध जताया है। किसान रखवाले हैं इस भारत माँ के अन्नदाता हैं देश के।मगर भाजपा पर अहंकार इतना हावी हो गया है कि वो किसानों का अपमान करने का कोई मौका नहीं चूक रही।भाजपाई मंत्री द्वारा किसानों को मवाली कहा जाना बेशर्मी है। इस बयान को लेकर कांग्रेस पार्टी ने मीनाक्षी लेखी के इस्‍तीफे की मांग की,

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