सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता किसानों के खेत तक पर्याप्त पानी पहुंचे,प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की नदियों के जल का सदुपयोग हो, किसानों के खेत तक पर्याप्त पानी पहुंचे, ये सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना का पूरा होना इस बात का सबूत है कि जब सोच ईमानदार होती है, तो काम भी दमदार होता है।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 11 दिसंबर को उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत भी उपस्थित थे।

सभा को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री ने भारत के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका जाना हर भारतप्रेमी के लिए, हर राष्ट्रभक्त के लिए बहुत बड़ी क्षति है। उन्होंने कहा, ‘जनरल बिपिन रावत जी देश की सेनाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए जितनी मेहनत कर रहे थे, पूरा देश उसका साक्षी रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हालांकि भारत दुख में है लेकिन दर्द सहते हुए भी हम ना अपनी गति रोकते हैं और ना प्रगति। भारत रुकेगा नहीं, भारत थमेगा नहीं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जब सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना पर काम शुरू हुआ था, तो इसकी लागत 100 करोड़ रुपए से भी कम थी। आज ये लगभग 10 हज़ार करोड़ रुपए खर्च करने के बाद पूरी हुई है। पहले ही सरकारों की लापरवाही की 100 गुना ज्यादा कीमत देश को चुकानी पड़ी है। “सरकारी पैसा है तो मुझे क्या, ये सोच देश के संतुलित और संपूर्ण विकास में सबसे बड़ी रुकावट बन गई थी। इसी सोच ने सरयू नहर परियोजना को लटकाया भी, भटकाया भी। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘सरयू नहर परियोजना में जितना काम 5 दशक में हो पाया था, उससे ज्यादा काम हमने 5 साल से पहले करके दिखाया है। यही डबल इंजन की सरकार है। यही डबल इंजन की सरकार के काम की रफ्तार है। हमारी प्राथमिकता प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करना है।

इन्हें भी पढ़ें-

Mouth ulcers मुंह के छालों का घरेलू 9 उपाय जरुर आजमायें

dal dhokli recipe,दाल ढोकली ऐसे बनाएं

horoscope- कुंडली12 भाव में कौन सा ग्रह उसका क्या असर जाने

प्रधानमंत्री ने बाण सागर परियोजना, अर्जुन सहायक सिंचाई परियोजना, गोरखपुर में एम्स और उर्वरक संयंत्र जैसी बेहद लंबित परियोजनाओं के नाम गिनाए जिन्हें इस ‘डबल इंजन’ सरकार द्वारा पूरा किया गया है। उन्होंने केन बेतवा लिंक परियोजना को भी इस सरकार की प्रतिबद्धता का उत्कृष्‍ट उदाहरण बताया। 45000 करोड़ रुपये की परियोजना को पिछली कैबिनेट बैठक में मंजूरी दी गई थी। यह परियोजना बुंदेलखंड क्षेत्र को जल संकट की समस्या से निजात दिलाने में अहम भूमिका निभाएगी। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि पहली बार छोटे किसानों को सरकारी योजनाओं से जोड़ा जा रहा है।

पीएम किसान सम्मान निधि, मत्स्य पालन एवं डेयरी और मधुमक्खी पालन में आय के वैकल्पिक स्रोत और इथेनॉल में व्‍यापक अवसर जैसे कुछ अहम कदम उठाए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले साढ़े चार वर्षों में उत्तर प्रदेश से ही 12000 करोड़ रुपये मूल्‍य का इथेनॉल खरीदा गया है। प्रधानमंत्री ने प्राकृतिक खेती और जीरो बजट खेती के बारे में 16 दिसंबर को आयोजित होने वाले कार्यक्रम के लिए किसानों को आमंत्रित किया। उन्होंने यह भी बताया कि इस राज्य के 30 लाख से भी अधिक परिवारों को ‘पीएमएवाई’ के तहत पक्के घर मिले हैं, जिनमें से ज्यादातर घर संबंधित परिवारों की महिलाओं के नाम हैं। प्रधानमंत्री ने ‘स्वामित्व योजना’ के विभिन्‍न लाभों के बारे में भी बताया।

इन्हें भी पढ़ें-

Chopta Tungnath is one of the beautiful place of Uttarakhand

कन्यादान न किया हो तो तुलसी विवाह करके ये पुण्य अर्जित करें,

कोटेश्वर महादेव गुफा रुद्रप्रयाग,Koteshwar Mahadev Cave

Skincare advantage of tea tree oil, टी ट्री ऑयल त्वचा की देखभाल करें

प्रधानमंत्री ने कहा कि इस कोरोना काल में हमने पूरी ईमानदारी से प्रयास किया है कि कोई गरीब भूखा ना सोए। इसलिए पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत मिल रहे मुफ्त राशन के अभियान को अभी होली से आगे तक के लिए बढ़ा दिया गया है।

Documentary film .

Nature Safari Park Rajgir | Glass bridge ticket | राजगीर का नेचर सफारी पार्क

Himalayan women lifestyle Uttarakhand India,पहाड़ों की महिलाएं कैसे काम करती