Afghanistan Taliban सभी देशों के लोगों की भागने की लगी होड़,काबुल एयरपोर्ट पर अफरा-तफरी

Afghanistan Taliban अफगानिस्तान में तालिबान का राज आ चुका है। रविवार को अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने अफगानिस्तान छोड़ दिया, इसके बाद तालिबान ने राष्ट्रपति भवन पर कब्जा कर लिया। अशरफ गनी देश छोड़कर भाग जाने के बाद सरकार मेंजो लोग शामिल थे वो भी वहन से भागने की जुगत में हैं। अब गनी ने देश को छोड़ने से पहले देश के नागरिकों के नाम संदेश भी जारी किया है।

अशरफ गनी का संदेश

प्यारे देशवासियों

आज मेरे सामने एक मुश्किल चुनाव था मैं तालिबान का सामना करने के लिए खड़ा रहूं, जो हथियारों से लैस हैं और राष्ट्रपति भवन में घुसना चाहते हैं या उस देश को छोड़कर चला जाऊं जिसकी रक्षा करने में मैंने अपने 20 साल दिए हैं। अगर मैं तालिबान से लड़ने का विकल्प चुनता तो, कई नागरिक शहीद होते और काबुल हमारी आंखों के सामने तबाह होता। इस 60 लाख की आबादी वाले शहर में बड़ी मानवीय त्रासदी देखनी पड़ती।

तालिबान ने ठान लिया है कि मुझे रास्ते से हटाना है। वे यहां काबुल और काबुल के लोगों पर हमला करने आए हैं। इस खून-खराबे को रोकने के लिए यही बेहतर था कि मैं यहां से चला जाऊं। तालिबान तलवारों और बंदूकों के साथ यह युद्ध जीत गए हैं और अब लोगों की इज्जत, दौलत और खुद्दारी की रक्षा करने की जिम्मेदारी तालिबान की है।

तालिबान ने लोगों का दिल नहीं जीता है। इतिहास में कभी सिर्फ ताकत के दम पर किसी को नहीं स्वीकारा गया है, न कभी स्वीकारा जाएगा। अब तालिबान के सामने बड़ा इम्तिहान है। या तो वे अफगानिस्तान के लोगों के नाम और सम्मान की रक्षा करेंगे या फिर दूसरी जगहों और अपने विस्तार पर ध्यान देंगे।

कई लोग सहमे हुए हैं और तालिबानी भरोसे के लायक नहीं हैं। यह जरूरी है कि वे देश की अवाम, अलग-अलग महकमों, बहनों और औरतों को यकीन दिलाएं कि उनका दिल जीतेंगे। आने वाले वक्त का एक प्लान बनाएं और उसे लोगों के साथ बांटें। मैं हमेशा अपने लोगों की खिदमत करता रहूंगा।

आगे के लिए और भी बातें हैं। अफगानिस्तान जिंदाबाद

अफगानिस्तान में तालिबान का कब्जा होने के बाद अमेरिका भी अब तालिबान से मुकाबले की बजाय अपने और दुनिया भर के नागरिकों को निकालने पर ही फोकस कर रहा है। काबुल स्थित अमेरिकी दूतावास से उसका झंडा हट चुका है और सभी कर्मचारी देश छोड़ने के लिए काबुल एयरपोर्ट पर मौजूद हैं। इस बीच अमेरिका ने 1,000 और सैनिकों को काबुल भेजने का फैसला लिया है।

दुनिया भर के तमाम देशों ने सऊदी अरब, अमेरिका, न्यूजीलैंड, ब्रिटेन, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया काबुल में अपने दूतावास को बंद कर दिया है काबुल एयरपोर्ट पर लोगों की भारी भीड़ को देखते हुए कॉमर्शियल फ्लाइट्स पर रोक लगा दी है। भारत ने दिल्ली से काबुल और काबुल से दिल्ली की फ्लाइट्स पर रोक लगा दी गई है।

भारत के भी हजारों लोग अभी अफगानिस्तान में फंसे हुए हैं,भारतीयों के निकलने की उम्मीदों को झटका। भारत के हजारों लोग अफगानिस्तान में फंसे हैं। भारतीयों को लेने के लिए एयर इंडिया ने पहले सुबह 8:30 बजे दिल्ली से एक विमान काबुल भेजने का फैसला लिया था,लेकिन काबुल एयरपोर्ट पर हो रही भगदड़ और फायरिंग से एयरस्पेस बंद होने के बाद उसे भी कैंसल कर दिया गया