Chandra Grahan 2022 साल का आखिरी चन्द्र ग्रहण, जानें सूतक काल समेत जरूरी जानकारी

Chandra Grahan 2022 चन्द्र ग्रहण

8 नवंबर 2022 को कार्तिक पूर्णिमा पर साल 2022 का आखिरी चंद्र ग्रहण लगेगा। यह साल का दूसरा चंद्रग्रहण होगा। भारत में चंद्र ग्रहण दिखने के कारण इसका सूतककाल मान्य होगा।

जब पृथ्वी की छाया चन्द्रमा पर पड़ती है, तब इसे चन्द्र ग्रहण कहा जाता है। चन्द्र ग्रहण सदैव पूर्णिमा के दिन ही होता है। हिन्दु कैलेण्डर में पूर्ण चन्द्र दिवस को पूर्णिमा अथवा पौर्णमी के रूप में जाना जाता है। चन्द्र ग्रहण के समय चन्द्रमा पर पड़ रहा सूर्य का प्रकाश पृथ्वी द्वारा अवरुद्ध हो जाता है। पृथ्वी के वायुमण्डल से परावर्तित प्रकाश चन्द्रमा पर पड़ने के कारण ही वह चन्द्र ग्रहण के दौरान दिखाई देता है। यदि पृथ्वी से प्रकाश परावर्तित नहीं हो तो चन्द्र ग्रहण के समय चन्द्रमा अदृश्य हो जाता। पृथ्वी से परावर्तित प्रकाश के कारण चन्द्रग्रहण के समय चन्द्रमा लाल रँग का दिखता है।

चन्द्र ग्रहण के समय चन्द्रमा पर पड़ने वाली पृथ्वी की छाया को उपच्छाया एवं प्रच्छाया क्षेत्रों में विभाजित किया जा सकता है। भौतिक विज्ञान के नियमों के कारण सभी ग्रहों की छाया दो क्षेत्रों का निर्माण करती हैं, जिन्हें उपच्छाया एवं प्रच्छाया क्षेत्र के रूप में जाना जाता है। उपरोक्त आरेख से यह स्पष्ट है कि प्रच्छाया क्षेत्र में अंधकार है क्योंकि इस क्षेत्र तक सूर्य का प्रकाश नहीं पहुँचता है, जबकि उपच्छाया क्षेत्र पूर्णतः अंधकारमय नहीं है क्योंकि इस क्षेत्र में कुछ मात्रा में सूर्य का प्रकाश पहुँचता है।

जब चन्द्रमा प्रच्छाया क्षेत्र के अन्तर्गत आता है तब पृथ्वी से पूर्ण चन्द्र ग्रहण देखा जाता है। यदि चन्द्रमा प्रच्छाया क्षेत्र से आंशिक रूप से निकलता है, किन्तु पूर्णतः पार नहीं करता, उस स्थिति में पृथ्वी से आंशिक चन्द्र ग्रहण देखा जाता है।

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Chandra Grahan 2022 चन्द्र ग्रहण 8 नवंबर2022

चन्द्र ग्रहण प्रारम्भ (चन्द्रोदय के साथ) – 05:32 पी एम
चन्द्र ग्रहण समाप्त – 06:18 पी एम
चन्द्रोदय – 05:32 पी एम
स्थानीय ग्रहण की अवधि – 00 घण्टे 45 मिनट्स 50 सेकण्ड्स
उपच्छाया से पहला स्पर्श – 01:33 पी एम
प्रच्छाया से पहला स्पर्श – 02:40 पी एम
खग्रास प्रारम्भ – 03:47 पी एम
परमग्रास चन्द्र ग्रहण – 04:29 पी एम
खग्रास समाप्त – 05:11 पी एम
प्रच्छाया से अन्तिम स्पर्श – 06:18 पी एम
उपच्छाया से अन्तिम स्पर्श – 07:25 पी एम
खग्रास की अवधि – 01 घण्टा 24 मिनट्स 28 सेकण्ड्स
खण्डग्रास की अवधि – 03 घण्टे 38 मिनट्स 35 सेकण्ड्स
उपच्छाया की अवधि – 05 घण्टे 52 मिनट्स 02 सेकण्ड्स
चन्द्र ग्रहण का परिमाण – 1.36
उपच्छाया चन्द्र ग्रहण का परिमाण – 2.42
सूतक प्रारम्भ – 09:22 ए एम
सूतक समाप्त – 06:18 पी एम
बच्चों, बृद्धों और अस्वस्थ लोगों के लिये सूतक प्रारम्भ – 02:48 पी एम
बच्चों, बृद्धों और अस्वस्थ लोगों के लिये सूतक समाप्त – 06:18 पी एम

आपके शहर में चंद्र ग्रहण का समय
शहर कब से शुरू शहर कब से शुरू
दिल्ली 5.28 नोएडा 5.30
अमृतसर 5.32 लखनऊ 5.16
भोपाल 5.36 लुधियाना 5.34
जयपुर 5.37 शिमला 5.20
मुंबई 6.01 कोलकाता 4.52
रायपुर 5.21 पटना 5.00
इंदौर 5.43 देहरादून 5.22
उदयपुर 5.49 गांधीनगर 5.55

चंद्र ग्रहण में क्या करना चाहिये और क्या नहीं करना चाहिये
चंद्र ग्रहण के दौरान कभी भी कोई शुभ काम या देवी-देवताओं की पूजा नहीं करनी चाहिए।चंद्र ग्रहण के दौरान न ही भोजन पकाना चाहिए और न ही कुछ खाना-पीना चाहिए।चंद्रग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं का ग्रहण नहीं देखना चाहिए और न ही घर से बाहर जाना चाहिए। चंद्रग्रहण के दौरान तुलसी समेत अन्य पेड़-पौधों नहीं छूना चाहिए।

चंद्र ग्रहण में क्या करना चाहिये
ग्रहण शुरू होने से पहले यानी सूतक काल प्रभावी होने पर पहले से ही खाने-पीने की चीजों में पहले से तोड़े गए तुलसी के पत्ते को डालकर रखना चाहिए।ग्रहण के दौरान अपने इष्ट देवी-देवताओं के नाम का स्मरण करना चाहिए।ग्रहण के दौरान इसके असर को कम करने के लिए चंद्रमा से जुड़े हुए मंत्रों का जाप करना चाहिए। ग्रहण खत्म होने पर पूरे घर में गंगाजल का छिड़काव करना चाहिए।

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आचार्य पंकज पुरोहित Ph-9868426723

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