COVID-19 में DRDO की दवा साबित होगी संजीवनी, जानें बड़ी राहत की खबर |DRDO की 2-DG दवा,

COVID-19 में DRDO की दवा साबित होगी संजीवनी, जहां करोना महामारी की दूसरी लहर ने लाखों लोगों को अपना शिकार बना चुकी है| वहीं देश की जनता इस समय खौफ के साए में अपने घरों के अंदर इस महामारी के डर से केद हो रखी है, ठीक इसी बीच इस महामारी से बचने के लिए राहत भरी बड़ी खबर सामने आई है,

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इस खबर को दिया है COVID-19: महामारी में DRDO के वैज्ञानिकों  (Defense Research and Development Organization)  ने,दरअसल सरकार ने DRDO की एक ऐसी दवाई को आपातकालीन उपयोग की अनुमति दे दी है जो कोरोना वायरस से लड़ने में काफी मददगार सवित होगी,

अप्रैल 2020 में, महामारी की पहली लहर के दौरान, INMAS-DRDO के वैज्ञानिकों ने सेंटर फॉर सेल्युलर एंड मॉलिक्यूलर बायोलॉजी (CCMB), हैदराबाद की मदद से प्रयोगशाला प्रयोग किया और पाया कि यह अणु  SARS-CoV-2 वायरस के खिलाफ प्रभावी ढंग से काम करता है और वायरल वृद्धि को रोकता है

प्रयोगशाला, इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूक्लियर मेडिसिन एंड एलाइड साइंसेज (INMAS) इस दवाई का नाम 2-deoxy-D-glucose (2-DG) है. जिसे 08 मई 2021 को ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने अनुमति दी है।इस दवा का इस्तेमाल पहले से ही ब्रेन ट्यूमर के इलाज में इस्‍तेमाल हो रही थी।

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COVID-19 में DRDO की दवा की खासियत

बताया जा रहा है कि ये COVID-19: में DRDO की दवा 2-DG कोरोना मरीजों को रिकवर होने में और ऑक्सीजन पर उनकी निर्भरता को कम करती है. इस दवा को लेने के बाद मरीज कोरोना वायरस से जल्दी ठीक हो रहे हैं। या करोना जीतने में कम समय लगेगा
इस दवाई 2-DG का फेज-2 के ट्रायल्स पिछले साल मई और अक्टूबर महीने में किए गए थे, जब फेज-2 के ट्रायल्स हुआ था इस में 2 अस्पतालों ने भाग लिया था।

फेज-2 (b) में 11 अस्पतालों ने इस दवा की डोज की रेंज जानने के लिए भाग लिया था। फेज-2 के ट्रायल्स में कुल 110 मरीज़ों ने हिस्सा लिया था।उस दोरान देखा गया इस दवाई को लेने वाले मरीज, अन्य मरीजों की तुलना में लगभग 2.5 दिन से पहले ही ठीक हो गए थे।

Phase-III clinical trials फेज-3 के ट्रायल्स दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और तमिलनाडु के 27 कोविड अस्पतालों में किया गया।जो पिछले साल नवंबर महीने में हुआ था। इन ट्रायल में देखा गया कि इस दवा को लेने वालों में ऑक्सीजन पर निर्भरता कम हुई.और 65 साल से ऊपर के मरीजों को भी ऑक्सीजन की आवश्यकता नहीं पड़ी। साथ ही इस दवा का कोई साइड इफेक्ट भी नहीं है।

COVID-19 में DRDO की दवा ऐसे लेनी होगी

भारत सरकार द्वारा जारी स्टेटमेंट के अनुसार, 2-DG दवा एक पाउच में पाउडर की रूप में आती है. जिसे पानी में घोलकर लेना होता है। पानी में यह दवा लेने से ये वायरस से प्रभावित सेल्स में जाकर जम जाती है और वायरस सिंथेसिस व एनर्जी प्रोडक्शन को रोककर वायरस को बढ़ने से रोकती है।और कोरोना वायरस की ऊर्जा को खत्म कर उसे निष्क्रिय कर देती है।

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करोना में इसके आछे परिणाम दिखे,ये दवा ग्लूकोस जैसा ही है, जेनेरिक मॉलिक्यूल होने के कारण इसका उत्पादन बहुत आसानी से किया जा सकता है,इस 2-डीजी दवा को बनाने के लिए कच्चा माल पर्याप्त मात्रा में है| इसलिए देशभर में जल्द ही दवाई उपलब्ध हो जाएगी. COVID-19 में DRDO की दवा की खोज की है इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूक्लियर मेडिसिन एंड एप्लाइड साइंस के वरिष्ठ वैज्ञानिक ने

 

Sunil Jamloki

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