Hartalika Teej 2022-हरतालिका तीज शुभ मुहूर्त, पूजन विधि व व्रत कैसे करें

Hartalika Teej 2022- व्रत और त्योहारों का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। इन त्योहारों में से कुछ त्योहार ऐसे होते हैं जो महिलाओं के लिए सबसे खास होते हैं। महिलाएं इन त्योहारों और व्रतों को बड़ी श्रद्धा भाव और धूमधाम से मनाती हैं| इन्ही व्रत और त्योहारों में से ऐक त्योहार होता है हरतालिका तीज का व्रत, हरतालिका तीज व्रत सुहागनें अपने सुहाग की रक्षा के लिए रखती हैं |भाद्रपद महीने की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को हरतालिका तीज मनाया जाता है| हरितालिका तीज के नाम से शिव-पार्वती भक्तों में लोकप्रिय है। यह पर्व शिव-पार्वती के अखंड जुड़ाव का प्रतीक है।

इस दिन महिलाएं और लड़कियां सारा दिन निर्जला रह कर सौभाग्यवती रहने का वरदान प्राप्त करती हैं. अविवाहित लडकियाँ भी व्रत को अपने पसन्द वर पाने के लिए हरितालिका तीज का व्रत रखती हैं। हरतालिका तीज का व्रत बहुत ही कठिन होता है लेकिन इसे महिलाएं बहुत ही आस्था के साथ करती हैं| हरितालिका तीज ब्रत उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल और बिहार में ज्यादातर मनाया जाने वाला त्योहार है इस ब्रत को करवाचौथ से भी कठिन ब्रत माना जाता है|

इन्हें भी पढ़ें

krishna janmashtami 2022- व्रत 18 अगस्त और श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव 19 अगस्त मना सकते हैं

दीपावली पूजन में 10 बातों का रखें ध्यान घर में होगी महालक्ष्मी की कृपा

कुंडली में सूर्य का प्रभाव बारह भावों में जानें

कार्तिक महीना क्यों खास है हिंदू धर्म में-जाने जरूरी जानकारी

Hartalika Teej 2022-इस व्रत को हरतालिका क्यों कहते हैं

कहा जाता है कि इस दिन पार्वती की सखी (मित्र) उन्हें पिता के घर से हरण कर जंगल में ले गई थी, मान्यता है कि भाद्रपद तृतीया शुक्ल के दिन हस्त नक्षत्र को माता पार्वती ने रेत से शिवलिंग का निर्माण किया और भोलेनाथ की स्तुति में लीन होकर रात्रि जागरण किया. तब माता पार्वती के इस कठोर तपस्या से भगवान शिव प्रसन्न हो गये थे फिर भगवान शिव ने प्रसन्न होकर माता पार्वती को दर्शन दिए और इच्छानुसार उनको अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार कर लिया, हरतालिका व्रत का उल्लेख शिवपुराण में मिलता है।

Hartalika Teej 2022-हरतालिका तीज व्रत शुभ मुहूर्त-

हिंदू पंचांग के अनुसार भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को Hartalika Teej हरतालिका तीज मनाई जाती है. इस साल हरतालिका तीज का व्रत 30 अगस्त 2022 मंगलवार को है इस दिन सुबह साढ़े छह बजे से लेकर 8 बजकर 33 मिनट तक पूजा का शुभ मुहूर्त रहेगा। जबकि शाम 06 बजकर 33 मिनट से रात 08 बजकर 51 मिनट तक प्रदोष काल रहेगा।

इन्हें भी पढ़ें

 moongphali khane ke fayde | Amazing benefits of peanuts

लौंग के फायदे in Hindi | 14 Benefits Of Cloves

झटपट 5 मिनट में दही चटनी रेसिपी

नारियल की पूजा क्यों की जाती

आपके किचन में पाचन के लिए ये हैं ये 3 सुपरफूड, डाइट में जरूर करें शामिल रहें हेल्दी

Hartalika Teej 2022- हरितालिका तीज पूजा विधि

1. हरितालिका तीज में श्रीगणेश, भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है।
2. सबसे पहले मिट्टी से तीनों की प्रतिमा बनाएं और भगवान गणेश को तिलक करके दूर्वा अर्पित करें।
3. इसके बाद भगवान शिव को फूल, बेलपत्र और शमिपत्री अर्पित करें और माता पार्वती को श्रृंगार का सामान अर्पित करें।
4. तीनों देवताओं को वस्त्र अर्पित करने के बाद हरितालिका तीज व्रत कथा सुनें या पढ़ें।
5. इसके बाद श्रीगणेश की आरती करें और भगवान शिव और माता पार्वती की आरती उतारने के बाद भोग लगाएं।

Hartalika Teej 2022-हरतालिका तीज व्रत कैसे करें

Hartalika Teej हरतालिका पूजन प्रदोष काल में किया जाता हैं। प्रदोष काल अर्थात् दिन-रात के मिलने का समय। संध्या के समय स्नान करके शुद्ध वस्त्र धारण करें। उसके बाद पार्वती तथा शिव की बालू या मिट्टी की प्रतिमा बनाकर विधि-विधान से पूजा करें। बालू अथवा काली मिट्टी से भगवान शिव-पार्वती एवं गणेशजी की प्रतिमा अपने हाथों से बनाएं। इसके बाद सुहाग की पिटारी में सुहाग की सारी सामग्री रखें, फिर इसे पार्वतीजी को अर्पित करें।
इस प्रकार माता पार्वती तथा भगवान शिव का पूजन-आराधना कर हरतालिका व्रत कथा सुनें। फिर सर्वप्रथम गणेशजी की आरती, फिर शिवजी और फिर माता पार्वती की आरती करें। रात्रि जागरण करके सुबह पूजा के बाद माता पार्वती को सिंदूर चढ़ाएं। उसके बाद उपवास तोड़ कर व्रत खोलें। माना जाता है कि Hartalika Teej के दिन जो महिलाएं विधि पूर्वक और पूरी निष्ठा से इस व्रत को करती हैं, उनके दांपत्य जीवन में खुशी बरकरार रहती है और वो सौभाग्यवती रहती हैं उत्तर भारत के कई राज्यों में इस दिन मेहंदी लगाने और झूला-झूलने की प्रथा है

पं वासुदेव गैरोला

पंडित वासुदेव गैरोला
mobile number 9310031455