कंकणाकृति सूर्यग्रहण 21-6-2020 पूरी जानकारी अवश्य पढ़ें

कंकणाकृति ( चूड़ामणि ) सूर्यग्रहण

रविवार को कंकण सूर्यग्रहण घटित होने के कारण यह सूर्यग्रहण “चूड़ामणि” की संज्ञा को प्राप्त करता है।

दिन में छायेगा अंधेरा – दीखेंगे आकाश में तारे
21-6-2020 आषाढ़ कृष्ण अमावस्या रविवार को सूर्यग्रहण भारतीय समय के अनुसार दिन में 9:15 से प्रारंभ होकर 15:04 बजे तक रहेगा।
ग्रहण की कुल अवधि 05 घण्टे 48 मिनट 03 सैंकिंण्ड
कंकण की अवधि 00 मिनट 38 सैंकिंण्ड
ग्रासमान 99.4%

दिल्ली में सूर्यग्रहण का समय-

सूर्यग्रहण प्रारंभ (स्पर्श) = 10:20:00 प्रात:
ग्रहण मध्य = 12:01:32 दोपहर
ग्रहणान्त(मोक्ष) = 01:48:30 दोपहर
कुल पर्वकाल = 3 घण्टा 28 मिनट
ग्रहण का ग्रासमान = 95.2 %

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सूर्य ग्रहण

उत्तराखण्ड , उत्तरप्रदेश में सूर्यग्रहण का समय

सूर्यग्रहण प्रारंभ (स्पर्श) = 10:19:32 प्रात:
ग्रहण मध्य =12:02:04 दोपहर
ग्रहणान्त (मोक्ष) =01:49:48 दोपहर
ग्रहण की कुल अवधि = 3 घण्टा 30 मिनट
ग्रहण का ग्रासमान = 91.5 %

सूर्यग्रहण का सूतक ( छाया )

20-6-2020 शनिवार की रात्रि में
10:20 से प्रारंभ होगा।

20-6-2020 शनिवार की रात्रि में
10:20 से प्रारंभ होगा।
सूर्यग्रहण का सूतक ग्रहणारम्भ से 12 घण्टे पहले प्रारंभ होता है।
और
चन्द्रग्रहण का सूतक ग्रहणारम्भ से 9 घण्टे पहले प्रारंभ होता है।

सूर्यग्रहण का राशियों पर प्रभाव

किन राशियों पर पड़ेगा असर के लिए क्लिक करें

यह सूर्यग्रहण मृगशिरा नक्षत्र एवं मिथुन राशि में हो रहा है।सो यह मेष, सिंह, कन्या, मकर, मीन राशियों के लिए श्रेष्ठ है।
वृष, तुला, धनु राशि वालों के लिए मध्यम है।
मिथुन,कर्क, वृश्चिक, कुंभ राशि वालों के लिए आच्छा फलप्रद नही रहेगा।

नोट :- सूर्य या चंद्र ग्रहण जिन-जिन नक्षत्रों पर होता है वह ग्रहण उन जन्म नक्षत्रों वाले जातकों के लिए अशुभ माना गया है।

इस वर्ष भी 21-06-2020 रविवार से पन्द्रह दिन पहले और पन्द्रह दिन बाद छाया चन्द्रग्रहण और दिसंबर में छाया सूर्यग्रहण
इस कारण सम्पूर्ण विश्व में भयावह स्थिति प्रर्दशित हो रही है लगातार ग्रहण पड़ने से भारी अमंगल (बिनाश) की स्थिति बनती है। राजाओं या सेनाओं पर संकट

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चूड़ामणि सूर्यग्रहण का मास फल

यह कंकण चूड़ामणि सूर्यग्रहण आषाढ़ मास में घटित होने से छोटे-छोटे तालाब समाप्त तथा नदियों का प्रवाह कम हो जायेगा। अर्थात कुछ प्रांतों में भीषण अकाल व्याप्त होगा ।कई प्रांतों व देशों में जन-धन की हानि होगी।

चूड़ामणि सूर्यग्रहण का वार फल

यह सूर्यग्रहण रविवार को होने से विश्व के प्रमुख राष्ट्राध्यक्षों के मध्य तनाव व युद्ध जन्य वातावरण बनेगा। गेहूं,गुड,घी,धान्य,मूंग,चावल,का संग्रह करने से लाभ प्राप्त होगा।

चूड़ामणि सूर्यग्रहण का नक्षत्र फल

यह सूर्यग्रहण मृगशिरा तथा आर्द्रा नक्षत्र में घटित होने से वस्त्रों,फलों, पुष्पों का व्यापार करने वालों, परस्त्रियों से स्नेह रखने वालों,मदिरा का सेवन करने वालों तथा लेखकों को कष्टप्रद रहेगा।
नक्षत्र के अक्षरों के नाम वाली वस्तुएं मैंहगी हो जाती हैं।

चूड़ामणि सूर्यग्रहण का योग फल

यह सूर्यग्रहण गण्ड तथा वृद्धि योग में घटित होने से वैद्यों, तन्त्र विद्या करने वालों,योगी-संन्यासियों तथा दक्षिणी क्षेत्र में रहने वाले लोगों को कष्टप्रद रहेगा।

मिथुन राशिस्थ चूड़ामणि सूर्यग्रहण फल

प्रधान नेता, केन्द्रिय सत्ता, मुस्लिम देशों के लिए चुनौतीपूर्ण समय होगा।यत्र-तत्र अत्यधिक वर्षा ,सत्ता परिवर्तन, प्राकृतिक प्रकोपों से जन -धन की हानि होगी।प्राय: सूर्य ग्रहण होने के बाद कुछ समय के लिए दुर्भिक्ष (अकालजन्य) की परिस्थिति बनती है।

रोग शान्ति के लिए ग्रहण में “श्री महामृत्युंजय मंत्र” का जप करना शुभ होता है।

सूतकों में बाल, वृद्ध,रोगी, आसक्तजनों को छोड़कर अन्य किसी को भोजन,शयनादि नहीं करना चाहिए।
बालक,वृद्ध,रोगी और गर्भवती महिलाओं को भोजन या दबाई आदि लेने में कोई दोष नहीं है।

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