surya puja vidhi | सूर्य भगवान की पूजा | benefits of surya pooja

  सूर्य पूजा Surya Puja

हिन्दू धर्म और वैदिक ज्योतिष में सूर्य surya को देवता व नवग्रहों का राजा माना गया है। पुरे बिष्व में सूर्य के बिना जीवन की कल्पना करना नामुनकिन है, इसी कारण हिन्दू धर्म और वैदिक ज्योतिष में सूर्य को जगत पिता और भगवान माना गया है। मान्यता है कि सूर्य को रोजाना जल चढ़ाने से स्मरण शक्ति और मानसिक चेतना बढ़ती है।

धार्मिक मान्यता के अनुसार सूर्य surya भगवान की पूजा और दान करने से जाने-अनजाने किए गए पापों से छुटकारा मिल जाता है सूर्य भगवान की पूजा और दान करने से सभी दोषों का प्रभाव कम होजाता है।

https://livecultureofindia.com/surya-puja-bidhi/

सूर्य पूजा Surya Puja  ब्रत रख कब रखें

सूर्य देवता का दिन रविवार होता है।आप इस दिन ब्रत रख सकते हैं| सूर्य देव को नियमित जल चढ़ाने और उनकी उपासना करने से मनुष्य के अंदर आत्म विश्वास, आरोग्य, सम्मान और तीव्र स्मरण शक्ति की प्राप्ति होती है।सूर्य देवता के ब्रत को आप किसी भीमहीने के शुक्ल पक्ष के पहले रविवार से व्रत रखना शुरू कर सकते हैं। सूर्य देव का ब्रत कम एक साल या पांच साल तक रखें उसके बाद ही आप ब्रत का समापन या उद्यापन करें|

सूर्य surya  Dev को अर्घ्य: केसे दें

सुबह सूर्योदय से पूर्व(ब्रह्ममुह्र्त) शुद्ध होकर स्नान करें।
सूर्योदय होते समय सूर्य के समक्ष आसन लगाएं।
आसन पर खड़े होकर तांबे के पात्र में पवित्र जल लें।
जल में पुष्प या अक्षत,रोली या लाल चंदन, लाल पुष्प, मिश्री, भी मिलाएं।
सूर्योदय के समय सूर्य देव को अर्घ्य दें। तांबे के पात्र में जल लेकर पूर्व दिशा की ओर मुख करके दोनों हाथों से सूर्य को जल देते हुए ये ध्यान रखें की उसमें सूर्य की किरणों की धार जरूर दिखाई दे धीरे-धीरे सूर्य देव को जल चढ़ाएँ और साथ ही सूर्य मंत्र “ॐ घृणि सूर्याय नमः” का जाप करें।

सूर्य देव  surya dev को अर्घ्य देने के बाद घी का दीपक जलाएं और कपूर, धूप जलाकर सूर्य surya देव की आरती करें व उन्हें लाल पुष्प चढ़ाएं। इस दिन आदित्य ह्रदय स्त्रोत का पाठ अवश्य करना चाहिए। इसके प्रभाव से आरोग्य की प्राप्ति होती है। इस दिन सूर्य से संबंधित वस्तुओं का दान करें।

आप इन्हें भी पढ़ सकते हैं और हमारी वीडियो भी देख सकते हैं

त्रिजुगी नारायण मंदिर | world oldest religious Temple

अपने घर के मंदिर में पूजा और ध्यान रखने वाली जरूरी बातें

पहाड़ों की खुबसूरत  दिवाली

त्वचा की देखभाल करें

तांबे के बर्तन का पानी पीने के 7 फायदे

आलू टिक्की बर्गर रेसिपी

कुंडली horoscope-12 भाव में कौन सा ग्रह उसका क्या असर जाने

घूमने के शौकीन है विडियो जरूर देखें है बाबा तुंगनाथ यात्रा

अपनी राशी के अनुसार सूर्य surya dev का आहवाहन करें,

१२ राशियां सूर्यदेव surya dev के नाम

1- मेष .. ऊँ आदित्याय नमः
2- बृषभ .. ऊँ अरुणाय नमः
3- मिथुन .. ऊँ आदिभुताय नमः
4- कर्क .. ऊँ वसुप्रदाय नमः
5- सिंह.. ऊँ भानवे नमः
6- कन्या.. ऊँ शांताय नमः
7- तुला.. ऊँ इन्द्राय नमः
8- वृश्चिक.. ऊँ आदित्याय नमः
9- धनु.. ऊँ शर्वाय नमः
10- मकर.. ऊँ सहस्त्र किरणाय नमः
11- कुम्भ.. ऊँ ब्राह्मणे दिवाकर नमः
12- मीन.. ऊँ जयिने नमः

सूर्य पूजा surya puja के दौरान भगवान सूर्यदेव का आवाहन इस मंत्र के द्वारा भी कर सकते है।

ॐ सहस्त्र शीर्षाः पुरूषः सहस्त्राक्षः सहस्त्र पाक्ष |
स भूमि ग्वं सब्येत स्तपुत्वा अयतिष्ठ दर्शां गुलम् ||

आवाहन के उपरांत ऊनी आसान पर सूर्या मुह करके बैठे तदोपरान्त पंचोपचार पूजन करें इसके बाद मनोकामना अनुसार नीचे दिए मंत्रो का यथा सामर्थ्य जाप करे जप के बाद सूर्य surya देवकी आरती कर क्षमा प्रार्थना करें।

पुत्र की प्राप्ति के लिए सूर्य surya puja का मंत्र

ऊँ भास्कराय पुत्रं देहि महातेजसे।
धीमहि तन्नः सूर्य प्रचोदयात्।।

समस्त असाध्य रोगों को नष्ट करने के लिए सूर्य surya puja के इस मंत्र का जाप करना चाहिए:

ऊँ हृां हृीं सः सूर्याय नमः।।

व्यवसाय में वृद्धि करने के लिए सूर्य देव के इस मंत्र का जाप करना चाहिए:

ऊँ घृणिः सूर्य आदिव्योम।।

अपने शत्रुओं के नाश के लिए सूर्य देव के इस मंत्र का जाप करना चाहिए:

शत्रु नाशाय ऊँ हृीं हृीं सूर्याय नमः

नोकामनाओं की पूर्ति के लिए सूर्य देव surya pujaके इस मंत्र का जाप करना चाहिए:

ऊँ हृां हृीं सः

सभी अनिष्ट ग्रहों की दशा के निवारण हेतु सूर्य देव surya puja के इस मंत्र का जाप करना चाहिए:

ऊँ हृीं श्रीं आं ग्रहधिराजाय आदित्याय नमः

धार्मिक कार्य पूजा पाठ,अनुष्ठान, कुंडली मिलान हेतु के लिए शास्त्री जी से व्हाट्सएप नंबर 9781296384 संपर्क करें 

http://livecultureofindia                                                      शास्त्री विनीत शर्मा,एम. फिल

Leave a Reply