Indrani Devi Temple | Kedarnath | Uttarakhand

 Indrani Devi Temple 

हिमालय की गोदियों में बसे उत्तराखंड को भूतल पर स्थित स्वर्ग तथा देवभूमि के नाम से जाना जाता हैं| उत्तराखंड के दर्शन करने के लिए लोग तो भारत के हर कोने से आते हैं|

यहां कुछ ऐसे भी मंदिर Devi Temple है जिनकी आस्था की लोकप्रियता विदेशों में मशहूर है। उत्तराखंड के ऐसे चमत्कारिक प्राचीन मंदिरों में से एक है|

इन्द्राणी देवी मंदिर (इन्द्रासनी देवी) मंदिर,जो रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ मुख्य हाईवे के पास तिलवाड़ा से लगभग 6 किलोमीटर दूर कंडाली गावं में  स्थित है| मंदिर सड़क के ही नजदीक है

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इन्द्राणी देवी मंदिर

इन्द्राणी देवी Devi Temple के बारे में महाकाव्य स्कान्दपुरण देवी भागवत, और केदारखण्ड में वर्णन किया गया है। यह माना जाता है कि इन्द्रासनी देवी कश्यप ऋषि की मानसी कन्या थी। मनसा देवी को वैष्णवी शिवि, विषधरी के नाम से भी जाना जाता है।

आज भी मंदिर Devi Temple की मान्यता है कि आज भी इस क्षेत्र में किसी को यदि सांप काट जाए तो उसे मंदिर में लाया जाता है वह माता की कृपा से ठीक हो जाता है |यदि कोई नई जगह मकान बनाना चाहता है तो सबसे पहले उस जगह की मिट्टी को लेकर मंदिर में आते हैं

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यहां पर हर 12 साल में विशाल यज्ञ होता है| उस यज्ञ में शामिल होने के लिए लोग देश विदेशों से यहां पहुंचते हैं|
इन्द्रासनी देवी Devi Temple को सांपों की माता ही कह सकते,इस क्षेत्र में कोई भी नई फसल हो सबसे पहले माता को भोग लगाने लिए फसल का हिस्सा रखा जाता है|
यहां से थोड़ा आगे जाते ही कुष्मांडा देवी का मंदिर है जो की कुमडी गांव में स्थित है |आप यहां से होकर भी केदारनाथ जा सकते हैं|

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Devi Temple कैसे पहुंचे

रेलवे स्टेशन
नजदीकी रेलवे स्टेशन हरिद्वार
एयरपोर्ट
नजदीकी एयरपोर्ट जौलीग्रांट देहरादून
हरिद्वार और देहरादून से बस सेवा  रुद्रप्रयाग और गुप्तकाशी के लिए जाती हैं आप रुद्रप्रयाग से 9 किलोमीटर दूर केदारनाथ रोड पर  तिलवाड़ा उतरें और वहां से  आप  6 किलोमीटर
तिलवाड़ा से छोटी गाड़ियां यहां के लिए जाती हैं |

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