16 जुलाई 2019 राजधानी दिल्ली और पूरे भारत में खण्डग्रास चन्द्र ग्रहण इस दिन क्या न करें/16 Julay 2019 DELHI aura pūrē bhārat mēṁ khaṇḍagrās candra grahaṇ

 राजधानी दिल्ली और पूरे भारत में खण्डग्रास चन्द्र ग्रहण

sitename% » 16 जुलाई 2019 राजधानी दिल्ली और पूरे भारत में खण्डग्रास चन्द्र ग्रहण इस दिन क्या न करें/16 Julay 2019 DELHI aura pūrē bhārat mēṁ khaṇḍagrās candra grahaṇ
चन्द्र ग्रहण 


खण्डग्रास चन्द्र ग्रहण का समय 
 16 जुलाई 2019
चन्द्र ग्रहण प्रारम्भ रात्रि 01:32
चन्द्र ग्रहण समाप्त रात्रि 04:30
स्थानीय ग्रहण की अवधि – 02 घण्टे 57 मिनट्स 14 सेकण्ड्स
उपच्छाया से पहला स्पर्श – ००:14:47
प्रच्छाया से पहला स्पर्श – ०1:32:35
परमग्रास चन्द्र ग्रहण – 03:01:12
प्रच्छाया से अन्तिम स्पर्श – 04:29:50
उपच्छाया से अन्तिम स्पर्श – 05:47:37
खण्डग्रास की अवधि – 02 घण्टे 57 मिनट्स 14 सेकण्ड्स
उपच्छाया की अवधि – 05 घण्टे 32 मिनट्स 49 सेकण्ड्स

चन्द्र ग्रहण का परिमाण – 0.65
उपच्छाया चन्द्र ग्रहण का परिमाण – 1.70
सूतक प्रारम्भ – 15:55:13- 16th, जुलाई को
सूतक समाप्त रात्री – 04:30:50
बच्चों, बृद्धों और अस्वस्थ लोगों के लिये सूतक प्रारम्भ – 21:55:21 – 16th, जुलाई को
बच्चों, बृद्धों और अस्वस्थ लोगों के लिये सूतक समाप्त – 04:29:50
 नई दिल्ली के स्थानीय समय के अनुसार पूरे भारत में
चन्द्र ग्रहण जुलाई 16, 2019 को आंशिक चन्द्र ग्रहण दर्शनीय होगा। वर्ष 2019 में यह दूसरा चन्द्र ग्रहण होगा। यह ०.65 परिमाण का आंशिक ग्रहण है, इसलिए अधिकतम ग्रहण के दौरान चन्द्रमाँ का लगभग आधा भाग पृथ्वी की उपच्छाया से छिप जायेगा। उपच्छाया के अन्दर चन्द्रमाँ का हिस्सा केवल पृथ्वी के वायुमण्डल के माध्यम से अपवर्तित सूर्य के प्रकाश से प्रकाशित होगा।

यह चन्द्र ग्रहण अटलांटिक महासागर, अंटार्कटिका, हिन्द महासागर, प्रशान्त महासागर, अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अमेरिका, एशिया और यूरोप के अधिकांश देश और उत्तरी अमेरिका के कुछ पूर्वी हिस्सों से दिखाई देगा।
आंशिक चन्द्र ग्रहण भारत, पाकिस्तान, नेपाल, मॉरीशस और सिंगापुर से दिखाई देगा।
अधिकांश उत्तरी अमेरिका और ग्रीनलैंड से कोई भी ग्रहण दिखाई नहीं देगा|

 हिन्दु धर्म और चन्द्र ग्रहण

हिन्दु धर्म में चन्द्रग्रहण एक धार्मिक घटना है जिसका धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व है। जो चन्द्रग्रहण नग्न आँखों से स्पष्ट दृष्टिगत न हो तो उस चन्द्रग्रहण का धार्मिक महत्व नहीं होता है। मात्र उपच्छाया वाले चन्द्रग्रहण नग्न आँखों से दृष्टिगत नहीं होते हैं इसीलिये उनका पञ्चाङ्ग में समावेश नहीं होता है और कोई भी ग्रहण से सम्बन्धित कर्मकाण्ड नहीं किया जाता है। केवल प्रच्छाया वाले चन्द्रग्रहण, जो कि नग्न आँखों से दृष्टिगत होते हैं, धार्मिक कर्मकाण्डों के लिये विचारणीय होते हैं। सभी परम्परागत पञ्चाङ्ग केवल प्रच्छाया वाले चन्द्रग्रहण को ही सम्मिलित करते हैं।
यदि चन्द्रग्रहण आपके शहर में दर्शनीय नहीं हो परन्तु दूसरे देशों अथवा शहरों में दर्शनीय हो तो कोई भी ग्रहण से सम्बन्धित कर्मकाण्ड नहीं किया जाता है। लेकिन यदि मौसम की वजह से चन्द्रग्रहण दर्शनीय न हो तो ऐसी स्थिति में चन्द्रग्रहण के सूतक का अनुसरण किया जाता है और ग्रहण से सम्बन्धित सभी सावधानियों का पालन किया जाता है।

sitename% » 16 जुलाई 2019 राजधानी दिल्ली और पूरे भारत में खण्डग्रास चन्द्र ग्रहण इस दिन क्या न करें/16 Julay 2019 DELHI aura pūrē bhārat mēṁ khaṇḍagrās candra grahaṇ
आचार्य पंकज पुरोहित 

Leave a Reply