अमेरिकी विदेश मंत्री का भारत में दलाई लामा के प्रतिनिधियों से मिलने पर सुलगा चीन,

अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन के भारत दौरे के दोरान 28 जुलाई 2021 को अमेरिकी विदेश मंत्री ने तिब्बती बौद्ध धर्म गुरु दलाई लामा के प्रतिनिधियों से मुलाक़ात की अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन की इस मुलाकात से चीन ने कड़ी आपत्ति जताई,

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता चाओ लिजिअन की रूटीन  प्रेस कॉन्फ़्रेंस में सवाल पूछा गया की अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन की तिब्बती बौद्ध धर्म गुरु दलाई लामा के प्रतिनिधियों से मुलाक़ात को लेकर आप क्या मानना है इस पर जवाब में चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता चाओ लिजिअन ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा चीन मज़बूती से किसी भी विदेशी अधिकारी और दलाई लामा के संपर्क का विरोध करता है वो तिब्बत को चीन से अलग करने की कोशिश कर रहे हैं”तिब्बत का मामला पूरी तरह से चीन का आंतरिक मामला है और इसमें किसी भी विदेशी हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.14वें दलाई लामा महज़ एक धार्मिक व्यक्ति नहीं हैं बल्कि राजनीतिक रूप से एक निर्वासित शख़्स हैं और लंबे समय से चीन विरोधी अलगाववादी गतिविधियों में शामिल हैं.

और अमेरिका को कहा “अमेरिका को चाहिए कि वो अपनी प्रतिबद्धता का सम्मान करे और चीन के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करना बंद करे. अमेरिका को चीन विरोधी अलगाववादी गतिविधियों में शामिल लोगों का समर्थन नहीं करना चाहिए. चीन अपने हितों की रक्षा के लिए हर क़दम उठाएगा.”

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चीन ने 1950 में तिब्बत पर अपना कब्जा कर लिया था और इसे बीजिंग ने पीसफुल लिबरेशन करार दिया था. इसके बाद चीनी शासन के खिलाफ असफल विद्रोह के बाद दलाई लामा साल 1959 में भारत भाग गए थे और तब से वह निर्वासन में हैं.

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